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एक जुलाई से शुरू होंगे चौमासे, विवाह लग्न की चंद बचीं तारीखें
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विवाह
- फोटो : ?????
झांसी। अनलॉक वन में सीमित लोगों की मौजूदगी में भले ही विवाह कार्य की सरकार से अनुमति मिल गई हो। लेकिन अब विवाह लग्न की तारीखें भी गिनती की रह गई है। एक जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास (चौमासे) शुरू हो जाएंगे और भगवान विष्णु क्षीर सागर में आराम करने के लिए चले जाएंगे। ऐसे में अब 26 नवंबर देव उठनी एकादशी तक लोगों को विवाह संस्कार के लिए इंतजार करना पडे़गा। हालांकि कुछ विद्वानों का कहना है चातुर्मास में भी विवाह संस्कार के मुहूर्तों का उल्लेख पंचांगों व पुराण में है।
सनातन धर्म में शुभ विवाह लग्न की तिथियों में ही विवाह संस्कार करने की मान्यता है। लेकिन इस बार शादी सीजन में कोरोना वायरस से बचाव के कारण लॉकडाउन लगा रहा। ऐसे में मार्च, अप्रैल, मई में भरपूर विवाह लग्न तिथियां होने के बाद भी विवाह संस्कार नहीं हो सके। अधिकांश लोगों ने कार्यक्रम निरस्त किए। महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि जून में अब 19,20,25,27,28,30 की शुभ विवाह लग्न की तिथियां है। इसके बाद एक जुलाई से चौमासे लग जाएंगे। इस अवधि में विवाह नहीं होंगे। विवाह देव उठनी एकादशी से 26 नवंबर से शुरू होंगे। इधर, ज्योतिषविद डॉ. नाथूराम पांडेय ने बताया कि स्कंद पुराण एवं पंचांगों में चातुर्मास्य में विवाह संस्कार के मुहूर्तों का उल्लेख है। देश के कई प्रांतों में चातुर्मास में विवाह संस्कार आज भी होते है।
नवंबर व दिसंबर में ये हैं लग्न की तारीखें
नवंबर में 26, 30, दिसंबर में 1,2,6,7,8,9,11,12,12 ही शुभ विवाह लग्न की तिथियां है। इसके बाद शुक्रास्त के कारण विवाह के कार्य अप्रैल में होंगे। धर्माचार्यों के अनुसार गुरु व शुक्र के अस्त होने के कारण जनवरी, फरवरी व मार्च में विवाह लग्न की तिथियां नहीं है।
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सनातन धर्म में शुभ विवाह लग्न की तिथियों में ही विवाह संस्कार करने की मान्यता है। लेकिन इस बार शादी सीजन में कोरोना वायरस से बचाव के कारण लॉकडाउन लगा रहा। ऐसे में मार्च, अप्रैल, मई में भरपूर विवाह लग्न तिथियां होने के बाद भी विवाह संस्कार नहीं हो सके। अधिकांश लोगों ने कार्यक्रम निरस्त किए। महंत विष्णु दत्त स्वामी ने बताया कि जून में अब 19,20,25,27,28,30 की शुभ विवाह लग्न की तिथियां है। इसके बाद एक जुलाई से चौमासे लग जाएंगे। इस अवधि में विवाह नहीं होंगे। विवाह देव उठनी एकादशी से 26 नवंबर से शुरू होंगे। इधर, ज्योतिषविद डॉ. नाथूराम पांडेय ने बताया कि स्कंद पुराण एवं पंचांगों में चातुर्मास्य में विवाह संस्कार के मुहूर्तों का उल्लेख है। देश के कई प्रांतों में चातुर्मास में विवाह संस्कार आज भी होते है।
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नवंबर व दिसंबर में ये हैं लग्न की तारीखें
नवंबर में 26, 30, दिसंबर में 1,2,6,7,8,9,11,12,12 ही शुभ विवाह लग्न की तिथियां है। इसके बाद शुक्रास्त के कारण विवाह के कार्य अप्रैल में होंगे। धर्माचार्यों के अनुसार गुरु व शुक्र के अस्त होने के कारण जनवरी, फरवरी व मार्च में विवाह लग्न की तिथियां नहीं है।
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