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रेलवे: छुट्टी मांगने पर 50 गार्डों को चार्जशीट
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झांसी। ट्रेन संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले गार्ड छुट्टी मांगने को लेकर मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं। पिछले दो महीने में छुट्टी का प्रार्थना पत्र देने वाले कर्मचारियों का अवकाश निरस्त कर दिया गया। चूंकि, कर्मचारियों को आवश्यक कार्य थे। इस कारण वे प्रार्थना पत्र देकर चले गए। अब ऐसे 50 कर्मचारियों को चार्जशीट थमा दी गई है।
रेलवे स्टेशन पर करीब 700 गार्ड तैनात हैं, जो मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर व मालगाड़ी में चलते हैं। पिछले दो महीने की अलग- अलग तिथियों में 50 से अधिक गार्डों ने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिए। कर्मचारियों ने बच्चे, पत्नी या माता पिता का बीमार होना, परिवार में शादी होना आदि का कारण गिनाएं। अपनी परेशानी को देखते हुए कर्मचारी प्रार्थना पत्र देकर अवकाश पर चले गए। मगर अब ऐसे कर्मचारियों को प्रशासन ने चार्जशीट देना शुरू कर दिया है। अभी तक 50 कर्मचारियों को चार्जशीट दी जा चुकी है। चार्जशीट पाने वाले कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जो कर्मी यूनियन से जुड़े हैं, वह मनमर्जी की नौकरी कर रहे हैं। उनको रेस्ट व छुट्टियां तुरंत मिल जाती हैं। जबकि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जो गार्ड अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे, उनके खिलाफ ही नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
तीन साल से जमा नहीं की वॉकी- टाकी
झांसी। रेलवे के 52 गार्डों ने पिछले तीन साल से अपने वॉकी टाकी जमा नहीं किए। हरकत में आए रेल प्रशासन ने अब संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वॉकी- टाकी जमा कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
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रेल संचालन के लिए गार्ड, ड्राइवर, स्टेशन मास्टर व ट्रेन स्टाफ को वॉकी टाकी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वह आपस में संचार व्यवस्था से जुड़े रहे। वर्तमान में अधिकांश वॉकी- टाकी खराबी की स्थिति में पहुंच चुके हैं। बैटरी जल्दी डाउन हो जाती है। बातों का आदान- प्रदान करने में दिक्कत होती है। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने इस समस्या को उठाया था। रेल प्रशासन को जांच में पता लगा कि 52 ऐसे गार्ड हैं, जो पिछले तीन साल से ऑफिस में वॉकी- टाकी ही जमा नहीं कर रहे हैं। जबकि, ड्यूटी खत्म करते ही उनको वॉकी- टाकी जमा करना चाहिए। इनमें ऐसे भी कई गार्ड हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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रेलवे स्टेशन पर करीब 700 गार्ड तैनात हैं, जो मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर व मालगाड़ी में चलते हैं। पिछले दो महीने की अलग- अलग तिथियों में 50 से अधिक गार्डों ने अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र दिए। कर्मचारियों ने बच्चे, पत्नी या माता पिता का बीमार होना, परिवार में शादी होना आदि का कारण गिनाएं। अपनी परेशानी को देखते हुए कर्मचारी प्रार्थना पत्र देकर अवकाश पर चले गए। मगर अब ऐसे कर्मचारियों को प्रशासन ने चार्जशीट देना शुरू कर दिया है। अभी तक 50 कर्मचारियों को चार्जशीट दी जा चुकी है। चार्जशीट पाने वाले कुछ कर्मचारियों का कहना है कि जो कर्मी यूनियन से जुड़े हैं, वह मनमर्जी की नौकरी कर रहे हैं। उनको रेस्ट व छुट्टियां तुरंत मिल जाती हैं। जबकि उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। इस संबंध में जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जो गार्ड अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे, उनके खिलाफ ही नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
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तीन साल से जमा नहीं की वॉकी- टाकी
झांसी। रेलवे के 52 गार्डों ने पिछले तीन साल से अपने वॉकी टाकी जमा नहीं किए। हरकत में आए रेल प्रशासन ने अब संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर वॉकी- टाकी जमा कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
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रेल संचालन के लिए गार्ड, ड्राइवर, स्टेशन मास्टर व ट्रेन स्टाफ को वॉकी टाकी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वह आपस में संचार व्यवस्था से जुड़े रहे। वर्तमान में अधिकांश वॉकी- टाकी खराबी की स्थिति में पहुंच चुके हैं। बैटरी जल्दी डाउन हो जाती है। बातों का आदान- प्रदान करने में दिक्कत होती है। उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ ने इस समस्या को उठाया था। रेल प्रशासन को जांच में पता लगा कि 52 ऐसे गार्ड हैं, जो पिछले तीन साल से ऑफिस में वॉकी- टाकी ही जमा नहीं कर रहे हैं। जबकि, ड्यूटी खत्म करते ही उनको वॉकी- टाकी जमा करना चाहिए। इनमें ऐसे भी कई गार्ड हैं, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं।