फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Changing weather and dust are affecting the breathing of asthma patients.

Jhansi News: बदलता मौसम और धूल, अस्थमा के मरीजों की सांस जा रही फूल

Mon, 16 Oct 2023 11:19 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 11:19 AM IST
विज्ञापन
Changing weather and dust are affecting the breathing of asthma patients.
मरीजों की गिर जा रहा ऑक्सीजन लेवल, कोरोना का खौफ लेकर अस्पताल में हो रहे भर्ती
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मौसम का बदलता चक्र और त्योहारी सीजन की सफाई के चलते उड़ती धूल सांस रोगियों पर आफत बनकर टूट रही है। श्वांस नलियों में सिकुड़न और सूजन आने से अस्थमा रोगियों का ऑक्सीजन लेवल गिर जा रहा है। कोरोना संक्रमित हो जाने का खौफ लेकर मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में ही रोजाना ऐसे 10 से 12 मरीज भर्ती हो रहे हैं।
होली और दीपावली का मौसम सांस के मरीजों के लिए खतरनाक होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इन त्योहारों के दौरान घरों में साफ-सफाई होती है। दिवाली पर लोग रंगाई-पुताई कराते हैं। साथ ही सुबह-शाम की ठंड और दोपहर में धूप खिलने से गर्मी हो जाती है। साफ-सफाई या रंगाई-पुताई की वजह से धूल के कण सांस के जरिए फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। चूंकि, श्वांस मरीजों की सांस की नलियां संवेदनशील होती हैं। ऐसे में इन वजहों से सांस की नलियों में सिकुड़न, सूजन शुरू हो जाती है। फिर रोगी को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। ये समस्या ज्यादा बढ़ जाने से मरीज का ऑक्सीजन लेवल गिरने लगता है। मेडिकल कॉलेज में 90 से नीचे ऑक्सीजन लेवल पहुंच जाने वाले रोजाना 10 से 12 मरीज भर्ती हो रहे हैं। इसमें कई मरीज कोरोना हो जाने के डर के साथ भर्ती हो रहे हैं।
विज्ञापन



केस-1
.........
60 फीसदी तक गिर गया था ऑक्सीजन स्तर
15 साल से अस्थमा पीड़ित 45 वर्षीय व्यक्ति को एक सप्ताह पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। डॉक्टर ने सांस की नली की सिकुड़न दूर करने की दवाएं, इंजेक्शन देकर ठीक किया।
विज्ञापन
विज्ञापन



केस-2
.........
सांस फूलने की समस्या लेकर भर्ती हुआ बच्चा
मेडिकल कॉलेज में सात साल के बच्चे को भी भर्ती किया गया। उसकी सांस फूल रही थी। जांच में पता चला कि वो अस्थमा पीड़ित है। माता-पिता भी इस बीमारी का शिकार हैं। उसका ऑक्सीजन लेवल 90 फीसदी के नीचे था।

इन बातों का रखें ध्यान

.............................
- सांस रोगी दवा की पर्याप्त खुराक लें

- इन्हेलर साथ रखें, नियमित उपयोग करें

- धूल आदि होने पर मास्क लगाएं

- अस्थमा का अटैक आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं

वर्जन..
मेडिकल कॉलेज में इन दिनों 20 फीसदी सांस के मरीज ओपीडी में बढ़ गए हैं। इमरजेंसी और ओपीडी में 10 फीसदी मरीज सांस लेने में तकलीफ के साथ भर्ती हो रहे हैं। इनका ऑक्सीजन 90 फीसदी के नीचे रहता है। इसलिए सांस के मरीजों को इस सीजन में सतर्क रहने की जरूरत है। डॉ. मधुर्मय शास्त्री, टीबी एवं चेस्ट रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।


जिन बच्चों की बार-बार सांस फूलती है। उनकी इस सीजन में सांस तेज चल रही है। हल्की ठंड शुरू होने से वायरल रोगी भी बढ़ गए हैं। इन मरीजों की भी सांस तेज चलने लगती है। ऐसे रोजाना आठ से दस मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। रात में बच्चे को पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed