फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   CCTV camera search navjaat

सीसीटीवी, अस्पतालों के रिकॉर्ड से खुल सकती है नवजात के गुनहगार की पोल

Sat, 12 Nov 2022 11:09 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Nov 2022 11:09 PM IST
विज्ञापन
CCTV camera search navjaat
झांसी। वीरांगना नगर में जिस जगह पर नवजात बच्ची के शव को कुत्ते नोंच रहे थे, वहां पर ही आधा दर्जन से अधिक नर्सिंगहोम हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और उसके सामने भी कई अस्पताल हैं, जहां प्रसव होते हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। पुलिस यदि अस्पतालों से पिछले चार-पांच दिनों में जन्म लेने वाले बच्चों का रिकॉर्ड और फुटेज से पड़ताल करे तो नवजात के गुनहगार तक पहुंच सकती है।
विज्ञापन

शनिवार सुबह वीरांगना नगर में मिली नवजात बच्ची के पैरों में स्याही लगी हुई है। इससे स्पष्ट है कि वो भ्रूण नहीं, बल्कि नवजात बच्ची ही है और उसकी डिलीवरी किसी अस्पताल में हुई है। डॉक्टरों ने बताया कि चाहें सरकारी अस्पताल हो या निजी हॉस्पिटल, हर जगह नवजात की पहचान के लिए कागज पर पैरों के निशान लिए जाते हैं।
विज्ञापन

नवजात की फाइल में ही ये कागज लगा दिया जाता है। चूंकि, घटनास्थल के आसपास कुछ घरों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। एक-दो दिन पहले ही नवजात का जन्म होने का अनुमान है। ऐसे में पुलिस चार-पांच दिनों में अस्पताल के जन्म लेने वाले बच्चों का रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो बच्ची को फेंकने वालों की शिनाख्त हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रतिदिन जन्म लेते हैं 90 से 100 बच्चे
स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की मानें तो झांसी में हर साल 35 हजार से अधिक बच्चे जन्म लेते हैं। जिले में मेडिकल कॉलेज, महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी समेत 30 से अधिक नर्सिंगहोमों में डिलीवरी होती है। इन अस्पतालों में औसतन रोजाना 90 से 100 बच्चे जन्म लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed