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यूपी की रोडवेज बसों में अगले महीने कैशलेस होगा सफर
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झांसी। यात्रियों को रोडवेज बसों में यात्रा करनी हो और पर्स या पैसे साथ में ले जाना भूल जाएं तो घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग जल्द ही कैशलेस व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। इससे यात्री रोडवेज की बसों में नकद के साथ डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड, फोन पे, पेटीएम, गूगल - पे सहित विभिन्न डिजिटल तरीके से टिकट लेकर सफर कर सकेंगे। इससे अब यात्रियों को टिकट खरीदने के बाद फुटकर पैसों का झंझट और साथ में नकदी लेकर चलने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।
झांसी डिपो में कुल 140 रोडवेज की बसें हैं, जिनमें से प्रतिदिन 90 बसों का संचालन उरई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, दिल्ली, प्रयागराज, बनारस, ललितपुर, मोंठ, इत्यादि रूटों पर किया जाता है। इस दौरान यात्रियों को बस में टिकट लेने के लिए खुले पैसे अनिवार्य रूप से साथ में लेकर चलना पड़ता है। ज्यादातर कंडक्टर टिकट की पर्ची के पीछे बकाया लिख देता है। इससे जल्दबाजी में यात्री पैसे लेना भी भूल जाते हैं।
लेकिन कैशलेस व्यवस्था के बाद सभी कंडक्टरों को हाइटेक ई- टिकटिंग मशीन दी जाएगी। इससे यात्रियों को टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी। साथ ही टिकट का पैसा सीधे परिवहन निगम के बैंक खाते में जाएगा।
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परिवहन निगम कैशलेस की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ईटीएम के लिए बसों की संख्या, परिचालकों की संख्या समेत कितनी मशीनों की आवश्यकता है, इसका डाटा मांगा गया था, उसे मुख्यालय भेज दिया गया है। जल्द ही सुविधा शुरू हो जाएगी। - प्रियम श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
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झांसी डिपो में कुल 140 रोडवेज की बसें हैं, जिनमें से प्रतिदिन 90 बसों का संचालन उरई, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, आगरा, मुरादाबाद, बरेली, दिल्ली, प्रयागराज, बनारस, ललितपुर, मोंठ, इत्यादि रूटों पर किया जाता है। इस दौरान यात्रियों को बस में टिकट लेने के लिए खुले पैसे अनिवार्य रूप से साथ में लेकर चलना पड़ता है। ज्यादातर कंडक्टर टिकट की पर्ची के पीछे बकाया लिख देता है। इससे जल्दबाजी में यात्री पैसे लेना भी भूल जाते हैं।
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लेकिन कैशलेस व्यवस्था के बाद सभी कंडक्टरों को हाइटेक ई- टिकटिंग मशीन दी जाएगी। इससे यात्रियों को टिकट खरीदने की सुविधा मिलेगी। साथ ही टिकट का पैसा सीधे परिवहन निगम के बैंक खाते में जाएगा।
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परिवहन निगम कैशलेस की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। ईटीएम के लिए बसों की संख्या, परिचालकों की संख्या समेत कितनी मशीनों की आवश्यकता है, इसका डाटा मांगा गया था, उसे मुख्यालय भेज दिया गया है। जल्द ही सुविधा शुरू हो जाएगी। - प्रियम श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज