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रखे-रखे क्यों कंडम हो गई करोड़ों की कोबाल्ट मशीन, होगी जांच
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग में रखे-रखे कंडम हो गई करोड़ों की कोबाल्ट मशीन और बायोकेमिकल एनेलाइजर की वर्ष 2013 में अक्रियाशीलता की जांच के आदेश हो गए हैं। अब समिति मशीन का उपयोग न होने के कारणों की जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इस मामले में लापरवाही पर कार्रवाई संभव है।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2005 में कोबाल्ट मशीन आई थी। रखे-रखे ही ये मशीन खराब हो गई। जबकि, प्रदेश के कई संस्थानों में सन् 2005 से पहले से लगी कोबाल्ट मशीन से प्रतिदिन 40-50 मरीजों की सिंकाई होती हैं। हाल ही में एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के निर्देश पर मशीन में मौजूद रेडियोएक्टिव सोर्स को हटा दिया गया। इसके साथ ही मशीन भी यहां से हट गई। वहीं, किसी ने मशीन का उपयोग न होने की शिकायत की। इस पर शासन की तरफ से जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
हाल ही में विशेष सचिव की तरफ से मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि कोबाल्ट टेलीथेरेपी और ब्रेकीथेरेपी यूनिट का उपयोग न होने और बायोकेमिकल एनेलाइजर की वर्ष 2013 में अक्रियाशीलता की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति कॉलेज में आकर जांच करेगी। वहीं, सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को समिति को जांच करने के लिए मेडिकल कॉलेज आना था लेकिन दौरा टल गया। अब समिति जिम्मेदारों से लिखित या फिर लखनऊ बुलाकर जवाब तलब कर सकती है। वहीं, इस मामले में कुछ अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2005 में कोबाल्ट मशीन आई थी। रखे-रखे ही ये मशीन खराब हो गई। जबकि, प्रदेश के कई संस्थानों में सन् 2005 से पहले से लगी कोबाल्ट मशीन से प्रतिदिन 40-50 मरीजों की सिंकाई होती हैं। हाल ही में एटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड के निर्देश पर मशीन में मौजूद रेडियोएक्टिव सोर्स को हटा दिया गया। इसके साथ ही मशीन भी यहां से हट गई। वहीं, किसी ने मशीन का उपयोग न होने की शिकायत की। इस पर शासन की तरफ से जांच समिति का गठन कर दिया गया है।
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हाल ही में विशेष सचिव की तरफ से मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को भेजे गए पत्र में लिखा गया है कि कोबाल्ट टेलीथेरेपी और ब्रेकीथेरेपी यूनिट का उपयोग न होने और बायोकेमिकल एनेलाइजर की वर्ष 2013 में अक्रियाशीलता की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। समिति कॉलेज में आकर जांच करेगी। वहीं, सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को समिति को जांच करने के लिए मेडिकल कॉलेज आना था लेकिन दौरा टल गया। अब समिति जिम्मेदारों से लिखित या फिर लखनऊ बुलाकर जवाब तलब कर सकती है। वहीं, इस मामले में कुछ अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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