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Jhansi News: डीसीएम की टक्कर से कार में लगी आग, दूल्हा समेत चार लोग जिंदा जले
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मृतकों में दूल्हा, दूल्हे का बड़ा भाई, चार साल का मासूम भतीजा और चालक है
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुक्रवार की देर रात को करीब 12 बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर बड़ागांव के पास पारीछा फ्लाई ओवर पर हुए भीषण हादसे में कार सवार दूल्हा, उसका बड़ा भाई, चार साल का मासूम भतीजा और ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि कार में अगली सीट पर बैठे दो लोग मामूली रूप से झुलस गए हैं। कार में पीछे से तेज रफ्तार से आ रही डीसीएम ने टक्कर मारी थी। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कार के दरवाजे तोड़कर चारों शवों को बाहर निकाला। मृतक और झुलसे लोग एरच के गांव करके की बिलायटी के रहने वाले थे। यह लोग बरात लेकर बड़ागांव के छपरा जा रहे थे।
एरच थाना क्षेत्र के करके की बिलायटी गांव निवासी आकाश अहिरवार (25) पुत्र संतोष अपने पिता के साथ प्राइवेट काम करता था। उसकी शादी बड़ागांव थाना के छपरा गांव निवासी अंजू से तय हुई थी। शुक्रवार रात आकाश बरात लेकर छपरा के लिए रवाना हुआ। दूल्हे आकाश के साथ कार में उसका बड़ा भाई आशीष (30), आशीष का चार साल का बेटा मयंक उर्फ ईशू, चचेरा भाई रवि अहिरवार, रमेश एवं चालक जयकरन उर्फ भगत (32) सवार थे। आकाश के जीजा राहुल के मुताबिक वह भी अपनी कार से आकाश की कार के पीछे ही चल रहे थे। रात 12 बजे के करीब जब वह लोग पारीछा फ्लाईओवर पर पहुंचे तभी आकाश की कार को एक डीसीएम ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम कार पर पीछे से चढ़ गई। कार में शॉट सर्किट हुआ और सीएनजी किट ने आग पकड़ ली। पीछे से आ रहे राहुल ने अपनी कार रुकवाई और उनको बचाने दौड़े। कार की अगली सीट पर रवि और रमेश बैठे थे। हादसे के बाद उन दोनों के शरीर का आधा हिस्सा बाहर लटक गया। राहुल ने रवि और रमेश को किसी तरह बाहर खींचकर निकाला। कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई। ऐसे में कोई भी कार के पास नहीं जा पा रहा था। क्योंकि कार के पिछले हिस्से पर डीसीएम चढ़ी हुई थी जिससे दूल्हा, उसका भाई और मासूम भतीजे बाहर नहीं निकल पाए। चालक भी सीट पर फंस गया था वह भी बाहर नहीं आ सका। सूचना पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह, बड़ागांव थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। दमकलकर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। पुलिस ने कार का दरवाजा तोड़ा, तब तक आकाश, आशीष, चार साल के मासूम मयंक और चालक जयकरन की जलकर मौत हो चुकी थी। रवि और रमेश को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। उपचार के बाद उनको छुट्टी दे दी गई। उधर, हादसे के बाद डीसीएम सवार भाग निकला। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। शुक्रवार की देर रात को करीब 12 बजे झांसी-कानपुर हाईवे पर बड़ागांव के पास पारीछा फ्लाई ओवर पर हुए भीषण हादसे में कार सवार दूल्हा, उसका बड़ा भाई, चार साल का मासूम भतीजा और ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि कार में अगली सीट पर बैठे दो लोग मामूली रूप से झुलस गए हैं। कार में पीछे से तेज रफ्तार से आ रही डीसीएम ने टक्कर मारी थी। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कार के दरवाजे तोड़कर चारों शवों को बाहर निकाला। मृतक और झुलसे लोग एरच के गांव करके की बिलायटी के रहने वाले थे। यह लोग बरात लेकर बड़ागांव के छपरा जा रहे थे।
एरच थाना क्षेत्र के करके की बिलायटी गांव निवासी आकाश अहिरवार (25) पुत्र संतोष अपने पिता के साथ प्राइवेट काम करता था। उसकी शादी बड़ागांव थाना के छपरा गांव निवासी अंजू से तय हुई थी। शुक्रवार रात आकाश बरात लेकर छपरा के लिए रवाना हुआ। दूल्हे आकाश के साथ कार में उसका बड़ा भाई आशीष (30), आशीष का चार साल का बेटा मयंक उर्फ ईशू, चचेरा भाई रवि अहिरवार, रमेश एवं चालक जयकरन उर्फ भगत (32) सवार थे। आकाश के जीजा राहुल के मुताबिक वह भी अपनी कार से आकाश की कार के पीछे ही चल रहे थे। रात 12 बजे के करीब जब वह लोग पारीछा फ्लाईओवर पर पहुंचे तभी आकाश की कार को एक डीसीएम ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि डीसीएम कार पर पीछे से चढ़ गई। कार में शॉट सर्किट हुआ और सीएनजी किट ने आग पकड़ ली। पीछे से आ रहे राहुल ने अपनी कार रुकवाई और उनको बचाने दौड़े। कार की अगली सीट पर रवि और रमेश बैठे थे। हादसे के बाद उन दोनों के शरीर का आधा हिस्सा बाहर लटक गया। राहुल ने रवि और रमेश को किसी तरह बाहर खींचकर निकाला। कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई। ऐसे में कोई भी कार के पास नहीं जा पा रहा था। क्योंकि कार के पिछले हिस्से पर डीसीएम चढ़ी हुई थी जिससे दूल्हा, उसका भाई और मासूम भतीजे बाहर नहीं निकल पाए। चालक भी सीट पर फंस गया था वह भी बाहर नहीं आ सका। सूचना पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह, बड़ागांव थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई। दमकलकर्मियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। पुलिस ने कार का दरवाजा तोड़ा, तब तक आकाश, आशीष, चार साल के मासूम मयंक और चालक जयकरन की जलकर मौत हो चुकी थी। रवि और रमेश को पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया। उपचार के बाद उनको छुट्टी दे दी गई। उधर, हादसे के बाद डीसीएम सवार भाग निकला। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
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