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होली तक ‘फूल एलर्जी’ से बचकर रहें
jhansi
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:41 AM IST
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होली तक ‘फूल एलर्जी’ से बचकर रहें
- फोटो : demo
वसंत ऋतु में फूलों में होने वाले परागन से एलर्जी के मरीज अस्पतालों में आने शुरू हो गए हैं। होली तक फूल एलर्जी का प्रभाव रहेगा। इसलिए डॉक्टर बीस दिन लोगों को सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं।
वसंत ऋतु को फूलों का मौसम कहा जाता है। इस मौसम में न तो अधिक गर्मी होती है और न अधिक ठंड। लिहाजा फूल काफी दिनों तक बने रहते हैं। बाग सहित घरों के लॉन, गमलों में फूल प्रेमी गुलाब, गुलदावदी, जेनिया, डहेलिया, साल्विया, गेंदा आदि फूल लगाते हैं। वहीं, सरसों की भी बुवाई होती है। इस मौसम में फूलों का परागन होने से परागकण वायुमंडल में अधिक मात्रा में फैल जाते हैं। साथ ही सरसों में लगने वाला माहू भी शाम को उड़ने लगते हैं। इनका मनुष्य से संपर्क होने पर अलग-अलग एलर्जी हो जाती है। किसी को आंखों की एलर्जी होती है तो किसी को नजला हो जाता है। किसी की सांस फूलने लगती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि फूलों से होने वाली एलर्जी के मरीज अस्पताल में आने शुरू हो गए हैं। हर रोज पांच-छह मरीज आ रहे हैं। जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी। पिछले साल ओपीडी में प्रतिदिन 30-35 मरीज बीमारी से पीड़ित आते थे। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष ने बताया कि हर रोज लगभग 10 बच्चे एलर्जी के आ रहे हैं। इसमें 4-5 फूल एलर्जी के हैं।
बचाव
- अति संवेदनशील लोग मास्क लगाकर घर से निकलें।
- हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएं।
इलाज
- गर्म पानी से गरारा करें
- गर्म पानी की भाप लें
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वसंत ऋतु को फूलों का मौसम कहा जाता है। इस मौसम में न तो अधिक गर्मी होती है और न अधिक ठंड। लिहाजा फूल काफी दिनों तक बने रहते हैं। बाग सहित घरों के लॉन, गमलों में फूल प्रेमी गुलाब, गुलदावदी, जेनिया, डहेलिया, साल्विया, गेंदा आदि फूल लगाते हैं। वहीं, सरसों की भी बुवाई होती है। इस मौसम में फूलों का परागन होने से परागकण वायुमंडल में अधिक मात्रा में फैल जाते हैं। साथ ही सरसों में लगने वाला माहू भी शाम को उड़ने लगते हैं। इनका मनुष्य से संपर्क होने पर अलग-अलग एलर्जी हो जाती है। किसी को आंखों की एलर्जी होती है तो किसी को नजला हो जाता है। किसी की सांस फूलने लगती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि फूलों से होने वाली एलर्जी के मरीज अस्पताल में आने शुरू हो गए हैं। हर रोज पांच-छह मरीज आ रहे हैं। जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, मरीजों की संख्या बढ़ती जाएगी। पिछले साल ओपीडी में प्रतिदिन 30-35 मरीज बीमारी से पीड़ित आते थे। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष ने बताया कि हर रोज लगभग 10 बच्चे एलर्जी के आ रहे हैं। इसमें 4-5 फूल एलर्जी के हैं।
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बचाव
- अति संवेदनशील लोग मास्क लगाकर घर से निकलें।
- हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएं।
इलाज
- गर्म पानी से गरारा करें
- गर्म पानी की भाप लें