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कोरोना की मार से कराहने लगे बस ऑपरेटर

Wed, 26 May 2021 01:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 26 May 2021 01:36 AM IST
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bus operater
झांसी। कोरोना कर्फ्यू के दौरान अधिकतर निजी बसों का संचालन बंद हो गया है। ऐसे में बस ऑपरेटरों के सामने बीमा का भुगतान व टैक्स भरने के साथ ही बैंकों की किस्तों को जमा करने की चिंता सताने लगी है। आलम यह हो गया है कई बस ऑपरेटरों को बसों को बेचने की नौबत आ गई है।
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वर्तमान में जिले में लगभग 450 निजी बसे संचालित की जाती हैं। जिसमें से लगभग 100 बसें निजी व सरकारी बैंकों से फाइनेंस कराई गई हैं। इन बसों का संचालन मऊरानीपुर, छतरपुर, राठ, गुरसराय, ललितपुर, दतिया, गरौठा, रामनगर, टहरौली, समथर सहित कई जगहों के लिए किया जाता है। कोरोना संक्रमण के चलते मध्य प्रदेश की सीमाओं को सील कर दिया गया है। वहीं, शहर में भी कोरोना कर्फ्यू होने के कारण लोगों के बेवजह घर से निकलने पर पाबंदी लगी है। जिससे सवारियों का टोटा हो गया है। आलम यह है एक बस में अधिकतम पांच से दस सवारियां ही बमुश्किल सफर कर रहीं है। सवारियां कम मिलने के कारण अधिकतर बसों का संचालन बंद कर दिया है। अभी कुल चालीस बसें ही दौड़ रही हैं। उनसे भी स्टाफ और डीजल का खर्चा बमुश्किल निकल पा रहा है। जबकि, बस ऑपरेटरों को एक माह के भीतर टैक्स व इंश्योरेंस के रूप में लगभग पंद्रह हजार रुपये खर्च करने पड़ते है।
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कोरोना काल में पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू के कारण सबसे अधिक आर्थिक परेशानी बस ऑपरेटरों को हो रही है। संचालन बंद होने से कई बसें बिकने की कगार पर आ गईं हैं। अनूप यादव, अध्यक्ष, जिला बस यूनियन
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निजी बसाें का नियमित संचालन लगभग कई माह से नहीं हो सका है। ऑपरेटरों को खड़ी बसों का टैक्स अदा करना पड़ रहा है। परेशानी को देखते हुए सरकार को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। मोहम्मद जावेद, महासचिव, जिला बस यूनियन
कोराना कर्फ्यू के कारण सवारियां न के बराबर ही निकल रहीं हैं। जिसके चलते पांच बसों में दो बसे ही चल रही हैं। उनसे भी डीजल और स्टाफ का खर्च नहीं निकल पा रहा है। अजय यादव, बस ऑपरेटर
मध्य प्रदेश की सीमाएं सील होने के कारण उत्तर प्रदेश में ही बसों का संचालन हो रहा है। ऐसे में सवारियों का भी टोटा हो गया है। हालत यह है कि बस ऑपरेटर टैक्स तक अदा करने की स्थिति में नहीं हैं। सुरेश चौबे, बस ऑपरेटर
बस की कीमत अधिक होने के कारण ऑपरेटर बसों को फाइनेंस कराते हैं। संचालन नियमित होने पर किस्त जमा करने की परेशानी नहीं होती है। लेकिन संचालन बंद है कई गाड़ियां बिकने की कगार पर हैं। जुम्मन खान, बस ऑपरेटर

कोरोना कर्फ्यू के कारण अधिकतर बसों का संचालन बंद है। ऑपरेटरों को आर्थिक परेशानी से गुजरना पड़ रहा है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर टैक्स में छूट की मांग की जा रही है। गौरी शंकर, कार्यालय अधीक्षक
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