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फाइलों में दबे हजारों के रोजगार
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 25 May 2015 01:49 AM IST
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झांसी। क्षेत्र का औद्योगिक पिछड़ापन दूर करने के लिए बनाई गई नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की योजना फाइलों में कैद होकर रह गई है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने योजना पर सहमति जता दी थी और स्थानीय प्रशासन ने जमीन तक चिह्नित कर ली थी। लेकिन, फाइल इसके बाद आगे नहीं बढ़ सकी। इस कारण हजारों लोगों को अब तक रोजगार नहीं मिल पाया है।
बुंदेलखंड में उद्यमियों को पूंजी निवेश के लिए आकर्षित करने तथा औद्योगिक माहौल के सृजन को केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने झांसी में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रदेश सरकार को न्यूनतम पांच हजार हेक्टेअर भूमि उपलब्ध करानी थी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने गरौठा व टहरौली तहसील में साढ़े पांच हजार हेक्टेअर जमीन चिह्नित भी कर ली थी। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया था। शासन की स्वीकृति के बाद फाइल केंद्र सरकार को भेजी गई थी। लेकिन, अब योजना ठंडे बस्ते में जाती दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसी भी तरह के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
यह जमीन है चिह्नित
झांसी। गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा तथा टहरौली तहसील के ग्राम समशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए जमीन चिह्नित है। उक्त सभी गांव बेतवा नदी से लगे हुए हैं। प्रस्तावित भूमि में पानीदार, आबादी, सड़क, कब्रिस्तान, मरघट, खलिहान व वन विभाग की भूमि को शामिल नहीं किया गया है।
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‘नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन से व्यापक पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हाेंगेे, जिससे केवल झांसी ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इसके लिए तय मानकों के अनुसार जमीन चिह्नित की जा चुकी है। लेकिन, सरकार की ओर से कोई संकेत नहीं मिला है।’
- रविकांत शुक्ला, महाप्रबंधक - जिला उद्योग केंद्र
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बुंदेलखंड में उद्यमियों को पूंजी निवेश के लिए आकर्षित करने तथा औद्योगिक माहौल के सृजन को केंद्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने झांसी में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना का निर्णय लिया था। इसके लिए प्रदेश सरकार को न्यूनतम पांच हजार हेक्टेअर भूमि उपलब्ध करानी थी। प्रदेश सरकार के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने गरौठा व टहरौली तहसील में साढ़े पांच हजार हेक्टेअर जमीन चिह्नित भी कर ली थी। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया था। शासन की स्वीकृति के बाद फाइल केंद्र सरकार को भेजी गई थी। लेकिन, अब योजना ठंडे बस्ते में जाती दिखाई दे रही है। केंद्र सरकार की ओर से किसी भी तरह के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
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यह जमीन है चिह्नित
झांसी। गरौठा तहसील के ग्राम गेंदा कबूला, कठर्री, गोरा, जुझारपुरा, ठहरका, हरदुवा, शैतानपुरा, कामेरा व झबरा तथा टहरौली तहसील के ग्राम समशेरपुरा, बेंदा, पथरेडी, सुरवई व देवरा सारन में नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए जमीन चिह्नित है। उक्त सभी गांव बेतवा नदी से लगे हुए हैं। प्रस्तावित भूमि में पानीदार, आबादी, सड़क, कब्रिस्तान, मरघट, खलिहान व वन विभाग की भूमि को शामिल नहीं किया गया है।
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‘नेशनल मैन्युफैक्चरिंग जोन से व्यापक पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हाेंगेे, जिससे केवल झांसी ही नहीं, बल्कि पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र को लाभ मिलेगा। इसके लिए तय मानकों के अनुसार जमीन चिह्नित की जा चुकी है। लेकिन, सरकार की ओर से कोई संकेत नहीं मिला है।’
- रविकांत शुक्ला, महाप्रबंधक - जिला उद्योग केंद्र