बुंदेलखंड विवि.: 2.34 लाख छात्रों की वार्षिक परीक्षाएं आज से, बनाए गए 210 केंद्र, 33 नोडल सेंटर भी गठित
बुंदेलखंड विश्विद्यालय की वार्षिक परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो रही हैं। विश्विद्यालय से संबद्ध 350 कॉलेजों में पढ़ने वाले 2.34 लाख छात्र-छात्राओं की परीक्षा के लिए 210 स्कूलों कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। साथ ही 33 नोडल केंद्र भी बनाए गए हैं।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध 350 कॉलेजों में पढ़ने वाले 2.34 लाख छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो जाएंगी। परीक्षाओं के लिए 210 केंद्र बनाए गए हैं। इसके अलावा 33 नोडल केंद्र भी गठित किए गए हैं।
कॉलेजों की परीक्षाएं तीन पालियों में होंगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह सात से 10 बजे, दूसरी की सुबह 11 से दोपहर 2 बजे और तीसरी पाली की दोपहर तीन से शाम छह बजे तक चलेगी। परीक्षा केंद्रों को प्रश्नपत्र खोलने, वितरण से लेकर कॉपियां जमा करने के संबंध में निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि सभी जिलों के डीएम और एसएसपी को भी परीक्षा केंद्रों की सूची और स्कीम भेज दी गई है। साथ ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती करने की मांग की गई है। बुंदेलखंड में 33 नोडल केंद्र हैं। इसके अलावा झांसी में छह स्व नोडल केंद्र बनाए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा में राजकीय, सहायता प्राप्त कॉलेजों को नोडल केंद्र बनाने में वरीयता दी गई है। जहां ये नहीं हैं, वहां स्वच्छ छवि वाले स्ववित्त पोषित कॉलेज को केंद्र बनाया गया है।
परीक्षा भवन में बनाया गया कंट्रोल रूम
परीक्षा शुरू होने से पहले बीयू ने नवीन परीक्षा भवन में कंट्रोल रूम बना दिया है। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए डॉ. सौरभ श्रीवास्तव के निर्देशन में छह सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। ये कमेटी कंट्रोल रूम के जरिए सभी केंद्रों पर नजर रखेगी।
नकलविहीन परीक्षा कराने पर सरकार का जोर
प्रदेश सरकार का नकलविहीन परीक्षा कराने पर जोर है। बुंदेलखंड नकल के मामले में काफी बदनाम रहा है। कुछ कॉलेज तो नकल के लिए प्रचलित हैं। शासन की निगाह भी बुंदेलखंड पर है। तीन साल पहले तत्कालीन कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे और कुलसचिव रहे सीपी तिवारी ने नकल पर काफी शिकंजा कसा था। इसके बाद दो साल कोरोना काल में निकल गए। इस बार बिना नकल के परीक्षा कराना बीयू के सामने किसी परीक्षा से कम नहीं है।