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बुंदेलखंड राज्य का प्रस्ताव नहीं पर मौन स्वीकृति

Mon, 08 Aug 2016 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 08 Aug 2016 01:08 AM IST
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 Bundelkhand state acquiescence on offer
rajnath singh, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
झांसी। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में यूं तो आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक व्यूह रचना गढ़ी गई, लेकिन बुंदेलखंड राज्यप्रेमियों के लिए भी कम महत्वपूर्ण नहीं रही। इसमें भले ही अलग बुंदेलखंड राज्य के गठन का प्रस्ताव नहीं आया हो लेकिन इस मुद्दे पर चर्चा के बाद इस पर मौन स्वीकृति जरूर मिल गई है। 
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भारतीय जनता पार्टी मिशन- 2017 के  मद्देनजर बुंदेलखंड के सात जिले काफी अहम हैं। झांसी, हमीरपुर, ललितपुर, बांदा, चित्रकूट, जालौन और महोबा जिले में विधानसभा की 19 सीटें हैं। इनमें से सर्वाधिक आठ सीटें सपा, छह सीटें बसपा, चार सीटें कांग्रेस और एक सीट भाजपा के पास है। हालांकि, विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दो सीटें जीती थीं, लेकिन चरखारी सीट से विधायक चुने जाने के बाद उमा भारती ने लोकसभा का चुनाव जीता और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उपचुनाव में सपा ने जीत हासिल की थी। 
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मिशन- 2017 को फतह करने के लिए पार्टी का मानना है कि यदि बुंदेलखंड में लहर पैदा हो गई तो इसका संदेश पूरे प्रदेश में जाएगा। शायद इसीलिए पार्टी ने झांसी में पहली कार्यसमिति की बैठक आयोजित की। बैठक सफल रही, इसको लेकर पार्टी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने मंच से झांसी के कार्यकर्ताओं को बधाई भी दी है। पार्टी ने बैठक के दौरान बुंदेलखंड के मुद्दे को पार्टी नेताओं ने जिस तरह से बार- बार बोला है, उससे कम से कम यह तो संदेश चला ही गया कि पार्टी इसको लेकर गंभीर है। 
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लोकसभा चुनाव के दौरान राजनाथ सिंह ने अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी लोकसभा चुनाव में अलग बुंदेलखंड राज्य तीन साल में बनाने की घोषणा की थी। हालांकि केंद्र सरकार के दो साल हो गए हैं और अब तक अलग बुंदेलखंड राज्य की दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। कार्यसमिति बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने पहले दिन अपने भाषण में जिस तरह से बुंदेलखंड की व्यथा का हवाला दिया और दूसरे दिन कृषि प्रस्ताव में भी बुंदेलखंड फोकस रहा, इससे तय हो गया कि बुंदेलखंड पार्टी के लिए अहम है। इसमें कहा गया कि बुंदेलखंड संसाधनों से भरपूर है। कृषि आधारित क्षेत्र है, पर्यटन की दृष्टि से भी यह क्षेत्र देश व विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। 
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