{"_id":"f7248b1a9f6bb0d73abc2a392b759b6d","slug":"bundelkhand-ke-college-data-uplode-karne-me-pichhde-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुंदेलखंड के कॉलेज डाटा अपलोड करने में पिछड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुंदेलखंड के कॉलेज डाटा अपलोड करने में पिछड़े
झांसी / ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2015 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआईएसएचई) में डाटा अपलोड करने के मामले में बुंदेलखंड के कॉलेज पिछड़ गए हैं। मौजूदा समय तक महज 27 प्रतिशत कॉलेजों ने ही डाटा अपलोड किया है।
गौरतलब है कि एआईएसएचई पर सभी शिक्षा संस्थानों के निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत कॉलेजों को परिसर में चलने वाले कोर्स, शिक्षक व विद्यार्थियों की संख्या समेत कई जानकारियां उपलब्ध करानी होती हैं। हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और उत्तर प्रदेश हायर एजूकेशन काउंसिल के अधिकारियों की लखनऊ में बैठक हुई। जिसमें समस्त विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बुलाया गया था। इस दौरान बुंदेलखंड के महाविद्यालय डाटा अपलोड करने के मामले में खासे पिछड़े मिले। अब तक बुंदेलखंड से महज 27 प्रतिशत कॉलेजों ने ही डाटा अपलोड किया है। वहीं, भविष्य में जो कॉलेज इसमें लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अभी कॉलेजों के पास 30 जून तक का समय है। सूत्रों की मानें तो यदि तय तिथि तक कॉलेज डाटा अपलोड नहीं करते हैं तो विश्वविद्यालय उनके खिलाफ कदम उठा सकता है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि एआईएसएचई पर सभी शिक्षा संस्थानों के निर्देश पूर्व में जारी किए जा चुके हैं। इसके अंतर्गत कॉलेजों को परिसर में चलने वाले कोर्स, शिक्षक व विद्यार्थियों की संख्या समेत कई जानकारियां उपलब्ध करानी होती हैं। हाल ही में मानव संसाधन विकास मंत्रालय और उत्तर प्रदेश हायर एजूकेशन काउंसिल के अधिकारियों की लखनऊ में बैठक हुई। जिसमें समस्त विश्वविद्यालय के अधिकारियों को बुलाया गया था। इस दौरान बुंदेलखंड के महाविद्यालय डाटा अपलोड करने के मामले में खासे पिछड़े मिले। अब तक बुंदेलखंड से महज 27 प्रतिशत कॉलेजों ने ही डाटा अपलोड किया है। वहीं, भविष्य में जो कॉलेज इसमें लापरवाही बरत रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अभी कॉलेजों के पास 30 जून तक का समय है। सूत्रों की मानें तो यदि तय तिथि तक कॉलेज डाटा अपलोड नहीं करते हैं तो विश्वविद्यालय उनके खिलाफ कदम उठा सकता है।
विज्ञापन