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Jhansi News: औषधीय पौधे उगाएंगे बुंदेलखंड के किसान

Fri, 26 Jan 2024 02:49 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Fri, 26 Jan 2024 02:49 AM IST
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Bundelkhand farmers will grow medicinal plants
संवाद न्यूज एजेंसी
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झांसी। किसानों को कम समय में अधिक लाभ देने के लिए केंद्रीय कृषि विवि औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दे रहा है। इसके लिए किसानों को मीलिया-दूबिया, कदंब सहित अन्य पौधे प्रदान किए जाएंगे। इससे किसान कम समय में अच्छे दाम ले सकते हैं।
बता दें कि पारंपरिक खेती पर निर्भर बुंदेलखंड के किसानों को सीमित भूमि पर ही आय के अधिक साधन उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय कृषि विवि के वैज्ञानिकों ने काम शुरू कर दिया है। इसके लिए कम समय में पककर तैयार होने वाले औषधीय पौधे उगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। निदेशक शोध डॉ. एसके चतुर्वेदी ने बताया कि बुंदेलखंड में औषधीय पौधे तुलसी, एलोवेरा, कालमेघ व अश्वगंधा की अच्छी मांग है। इससे किसान काफी लाभ ले सकते हैं। वहीं, व्यावसायिक पेड़ों में मीलिया-दूबिया, कदंब, खमेर, ग्वार, सफेद सागौन शामिल हैं जो अधिकतम छह साल में पक जाते हैं। बताया कि इनकी मांग भी बाजार में काफी है। इसके पौधे किसानों को दिए जा रहे हैं।
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- पॉपुलर की लकड़ी से पैसा कमा सकते हैं किसान
केंद्रीय कृषि विवि के कृषि वैज्ञानिक डॉ. राकेश नेगी और डॉ. मनमोहन डोबरियाल ने बताया कि किसान खेत की मेढ़ और नहर किनारे अपनी भूमि पर पॉपुलर के पौधे लगाकर उनसे अधिकतम आठ साल में पकी लकड़ी काट सकते हैं। बताया कि इन पेड़ों की लकड़ी बाजार में 400 से 800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकती है, जो किसानों के लिए आय का अतिरिक्त साधन हो सकती है।
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