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रेल्वे आवासों की दीवारों पर सीलन, दरवाजों पर दीमक
Sat, 16 Nov 2019 08:00 PM IST
झांसी ब्यूरो
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Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 16 Nov 2019 08:00 PM IST
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jhansi railway station
- फोटो : demo
झांसी। किराए भत्ते में मोटी रकम कटवाने के बाद भी रेलवे कर्मचारियों को खस्ताहाल आवासों में रहना पड़ रहा है। कई क्वार्टरों की दीवारों पर सीलन है तो दरवाजों में दीमक लग गई है। टूटे दरवाजे, खिड़कियां न सुधरने से मच्छर व कीड़े-मकोड़ों ने रहना दूभर कर दिया है। तमाम शिकायतें होने के बाद भी अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
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रेलवे में सीनियर मेल गार्ड एके राय ने मालगोदाम के पास 2011 में डी 114 आवास आवंटित कराया था। बदले में वह अपने वेतन से 18000 मासिक रुपये किराया भत्ता कटवा रहे हैं। मगर, आवास की हालत जर्जर होने के कारण उनको एक- एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। कई बार आवेदन देने के बाद भी पांच साल से पुताई नहीं की गई। दीवारों पर सीलन और दरवाजों पर दीमक लग गई है। बरसात में छत से पानी टपकता है। चूहों की भरमार है। आवास के पीछे सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसा एक आवास का हाल नहीं है।
दरअसल, रेल प्रशासन पूर्वी कॉलोनी में बने अफसरों के ढाई सौ बंगलों के रखरखाव का तो पूरा ध्यान रखता है, मगर पश्चिमी कॉलोनी में रहने वाले कर्मचारियों के क्वार्टरों के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसा नहीं कि रेल कर्मचारी यूनियनें इस मुद्दे को नहीं उठाती हैं, मगर यूनियन से जुड़े कर्मचारियों के क्वार्टरों का समय से रखरखाव कर उन्हें भी चुप करा दिया जाता है। ऐसे में सामान्य कर्मचारियों के लिए यहां-वहां चक्कर काटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता है। पश्चिमी रेलवे कॉलोनी में करीब 2300 क्वार्टर बने हैं।
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कर्मचारियों की समस्याओं पर बराबर ध्यान दिया जा रहा है। अगर उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है तो वह अपने ब्रांच अफसर से शिकायत कर सकते हैं।
- मनोज कुमार सिंह, पीआरओ
रेलवे ने मरम्मत कार्य ठेके पर दे रखा है। ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। उनकी निगरानी करने वाला कोई नहीं है। इससे कर्मचारियों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। यूनियन लगातार इस मांग को उठा रही है।
- आरएन यादव, मंडल सचिव, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन।
कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए अफसरों को खुद ध्यान देना चाहिए। रेलवे क्वार्टर की समस्याओं से कर्मचारी का जनजीवन सीधा जुड़ा रहता है। यूनियन लगातार कर्मचारियों की समस्याओं के लिए संघर्ष कर रही है।
- वीजी गौतम, मंडल सचिव, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ।
मैंने 2011 में आवास का आवंटन कराया था, तब से ही परेशान हो रहा हूं। यहां पर सिर्फ अफसर, यूनियन नेता और प्रभावशाली कर्मचारियों के आवासों का रखरखाव होता है। बाकी कर्मचारी सिर्फ परेशान हो रहे हैं।
एके राय, सीनियर मेल गार्ड।
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