{"_id":"61f8dc2d07014a4edb217fcc","slug":"budget-2022-1400-crores-for-ken-betwa-link-project","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budget 2022: केन-बेतवा लिंक परियोजना को मिले 1400 करोड़, 62 लाख लोगों को पीने का पानी होगा नसीब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budget 2022: केन-बेतवा लिंक परियोजना को मिले 1400 करोड़, 62 लाख लोगों को पीने का पानी होगा नसीब
Tue, 01 Feb 2022 12:37 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:37 PM IST
सार
केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए बजट में 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसकी मदद से झांसी, महोबा, ललितपुर एवं बांदा के करीब 20 लाख किसानों को इससे फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
केन-बेतवा लिंक परियोजना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को देश के सामने वित्तीय बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड के लिए काफी महत्वूपर्ण केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए बजट में 1400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से संसद में पेश किए जा रहे बजट में इसकी घोषणा की गई है।
विज्ञापन
दशकों से बुंदेलखंड क्षेत्र सूखे का शिकार है। इस कारण क्षेत्र में व्यापक गरीबी के कारण अन्य जिलों की तुलना में यहां से पलायन भी बहुत ज्यादा है। परियोजना की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसके जरिये 10.62 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचाई की जद में आएगी। इसके अलावा 62 लाख लोगों को पीने का पानी नसीब होगा। परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश में दो बैराज और मध्यप्रदेश की नदियों पर सात बांध बनाए जाएंगे। 103 मेगावाट हाइड्रो पावर और 27 मेगावाट सोलर पावर का उत्पादन होगा।
विज्ञापन
मंजूरी मिलने से बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जाएगी
करीब 19 साल से जिस केन-बेतवा लिंक परियोजना का इंतजार हो रहा, उसके मंजूरी मिलने से बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा सूखाग्रस्त इलाके तक सिंचाई के लिए पानी पहुंच जाएगा। इसकी मदद से झांसी, महोबा, ललितपुर एवं बांदा के करीब 20 लाख किसानों को इससे फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा
परियोजना से जुड़े अभियंताओं का कहना है इसकी मदद से झांसी का 17488 हेक्टयर कृषि रकबा एवं ललितपुर का 3533 हेक्टयर रकबा सिचिंत होगा। बांदा की पौने दो लाख हेक्टेयर जमीन सिचिंत होगी। इसके अलावा झांसी, ललितपुर, महोबा, एवं हमीरपुर में 67 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा।
नहर, तालाब एवं डैम भी भरे जा सकेंगे
केन-बेतवा लिंक नहर से झांसी के सभी नहर, तालाब एवं डैम भी भरे जा सकेंगे। सपरार, खपरार, लखेरी जैसे सूखे बांध भी भर जाएंगे। परियोजना के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना में केन नदी पर दौधन बांध बनेगा। इससे 221 किलोमीटर लंबा लिंक चैनल निकलेगा। यह बरुआसागर के पास से बेतवा नदी को पानी उपलब्ध कराएगा।
परियोजना के अंतर्गत बरियारपुर पिकप वीयर के डाउनस्ट्रीम में दो नए बैराज बनेंगे। यहां करीब 128 एमसीएम पानी का भंडारण होगा। अभियंताओं के मुताबिक बरियापुर पिकप वीयर, परीछा, वीयर, बरूआ सागर में बांध निर्माण एवं पुनस्थापना का कार्य होगा। झांसी को प्रेशराइज्ड पाइप सिस्टम एवं माइक्रो-इरीगेशन सिस्टम का फायदा मिलेगा। हमीरपुर स्थित मौदहा बांध को बेतवा लिंक नहर से जोड़कर बांध भरा जाएगा।