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आईसीटी में सुस्त बीयू
झांसी/ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:40 AM IST
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झांसी। सूचना एवं संचार तकनीकी (आईसीटी) में ही बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सुस्त है। नैक के मानकों में आईसीटी के जिन बिंदुओं पर जोर दिया गया है, उनमें से अधिकांश को विश्वविद्यालय पूरा नहीं कर सका है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नैक का निरीक्षण सर पर है और तैयारियां अधूरी पड़ी हुई हैं। अहम बात तो यह है कि आईसीटी में ही बीयू पिछड़ा हुआ है। चाहे शिक्षकों के प्रोफाइल अपडेट करने की बात हो या ईआरपी मॉड्यूल प्रभावी करने की या फिर आरटीजीएस के भुगतान प्रणाली लागू करने की, हर योजनाएं रेंग रही हैं।
कुछ दिन पूर्व ही विभाग प्रमुखों की बैठक में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने प्रोफाइल अपडेट करने को लेकर विभागाध्यक्षों, समन्वयकों को जिम्मा सौंपा था। अब हाल यह है कि अधिकांश विभागाध्यक्ष/ समन्वयकों द्वारा जब खुद ही प्रोफाइल अपडेट नहीं की गई है, तो उनसे भला अधीनस्थों पर जोर बनाने की क्या उम्मीद की जा सकती है।
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इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स संसाधन प्रक्रिया (ईआरपी) मॉड्यूल में भी बीयू फिसड्डी है। ईआरपी मॉड्यूल के जरिए प्रबंधन के कार्यों का ब्योरा ऑनलाइन करना होता है, इसमें प्रवेश, परीक्षा, परीक्षा परिणाम, आरटीआई, स्टूडेंट ग्रीवांस, हॉस्टल आवंटन, वित्त, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, फीडबैक, लीगल, एकेडमिक, बोर्ड ऑफ स्टडीज, स्टोर, क्रय, एल्यूमिनाई आदि शामिल हैं। बीयू ने अभी तक इनमें से कइयों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं किया है।
इसके साथ ही आरटीजीएस से भुगतान करने की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है। यही कई अहम बिंदु हैं, जिस पर नैक की टीम का फोकस रहेगा। यह बिंदु विश्वविद्यालय की इमेज बिल्डिंग में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अब चूंकि, बीयू इसमें पिछड़ा हुआ है, इसलिए नैक के ए ग्रेड मिलने की उम्मीद धुंधली हो रही हैं।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में नैक का निरीक्षण सर पर है और तैयारियां अधूरी पड़ी हुई हैं। अहम बात तो यह है कि आईसीटी में ही बीयू पिछड़ा हुआ है। चाहे शिक्षकों के प्रोफाइल अपडेट करने की बात हो या ईआरपी मॉड्यूल प्रभावी करने की या फिर आरटीजीएस के भुगतान प्रणाली लागू करने की, हर योजनाएं रेंग रही हैं।
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कुछ दिन पूर्व ही विभाग प्रमुखों की बैठक में कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने प्रोफाइल अपडेट करने को लेकर विभागाध्यक्षों, समन्वयकों को जिम्मा सौंपा था। अब हाल यह है कि अधिकांश विभागाध्यक्ष/ समन्वयकों द्वारा जब खुद ही प्रोफाइल अपडेट नहीं की गई है, तो उनसे भला अधीनस्थों पर जोर बनाने की क्या उम्मीद की जा सकती है।
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इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स संसाधन प्रक्रिया (ईआरपी) मॉड्यूल में भी बीयू फिसड्डी है। ईआरपी मॉड्यूल के जरिए प्रबंधन के कार्यों का ब्योरा ऑनलाइन करना होता है, इसमें प्रवेश, परीक्षा, परीक्षा परिणाम, आरटीआई, स्टूडेंट ग्रीवांस, हॉस्टल आवंटन, वित्त, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट, फीडबैक, लीगल, एकेडमिक, बोर्ड ऑफ स्टडीज, स्टोर, क्रय, एल्यूमिनाई आदि शामिल हैं। बीयू ने अभी तक इनमें से कइयों का ब्योरा ऑनलाइन नहीं किया है।
इसके साथ ही आरटीजीएस से भुगतान करने की प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है। यही कई अहम बिंदु हैं, जिस पर नैक की टीम का फोकस रहेगा। यह बिंदु विश्वविद्यालय की इमेज बिल्डिंग में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अब चूंकि, बीयू इसमें पिछड़ा हुआ है, इसलिए नैक के ए ग्रेड मिलने की उम्मीद धुंधली हो रही हैं।