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बीयू : जनसूचना अधिकारी पर लगा 25 हजार जुर्माना

Fri, 11 Jul 2025 03:53 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jul 2025 03:53 AM IST
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BU: Rs 25,000 fine imposed on Public Information Officer

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। राज्य सूचना आयुक्त ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के तत्कालीन जन सूचना अधिकारी पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। ये जुर्माना अधिकारी के सुनवाई की तिथि पर उपस्थित न होने और लगाए गए जुर्माने के संबंध में कोई लिखित कथन प्रस्तुत न करने पर लगाया गया है। यह मामला वर्ष 2018 का है। हेमंत शर्मा ने 19 मार्च 2018 को बीयू के तत्कालीन जनसूचना अधिकारी/ कुलसचिव से दो बिंदुओं की सूचना मांगी थी। सूचना न मिलने पर नौ मई 2018 को प्रथम अपील की गई थी। इसके बाद आयोग के समक्ष दूसरी अपील की गई। पांच अगस्त 2021 को तत्कालीन जनसूचना अधिकारी को आयोग के आदेशों, निर्देशों की अवहेलना करने के साथ ही अपीलकर्ता को सुविधाएं उपलब्ध न कराने, लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने का दोषी पाया गया। इस पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। निर्देश दिए गए कि 15 दिन में अपीलकर्ता के पते पर डाक से सूचना भेजें। अगली तिथि पर साक्ष्य सहित आख्या उपलब्ध कराएं। 19 मई 2022 को जनसूचना अधिकारी के प्रतिनिधि ने उपस्थिति होकर बताया कि अपीलकर्ता को पूर्व में ही सूचनाएं दी जा चुकी हैं। इसके बाद भी कई तारीख लगीं। फिर 22 अगस्त 2024 को अपीलकर्ता उपस्थित हुए और बताया कि जनसूचना अधिकारी द्वारा दी गई सूचनाओं पर उन्होंने नौ फरवरी 2024 को आपत्ति दर्ज कराई है। इसका निराकरण जन सूचना अधिकारी ने नहीं किया है। इस पर जनसूचना अधिकारी को आपत्ति का निराकरण कर 15 दिन में पंजीकृत डाक से जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही अर्थदंड के संबंध में भी लिखित कथन प्रस्तुत करने के लिए कहा। 17 फरवरी 2025 को बीयू के वरिष्ठ सहायक अवधेश तिवारी उपस्थित हुए। उन्होंने आयोग को बताया कि अपीलकर्ता की आपत्ति का निराकरण करते हुए संशोधित सूचनाएं 15 फरवरी 2025 को ई-मेल से भेजी जा चुकी हैं। इस तिथि पर जनसूचना अधिकारी को निर्देश दिए गए लगाए गए अर्थदंड के संबंध में लिखित कथन प्रस्तुत करें। बीती 30 जून को न तो जनसूचना अधिकारी उपस्थित हुए और न ही उनके द्वारा लगाए गए अर्थदंड के संबंध में कोई लिखित कथन दिया गया। इस पर राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने आयोग के रजिस्ट्रार को निर्देशित है कि तत्कालीन जनसूचना अधिकारी के विरुद्ध लगाए गए 25 हजार अर्थदंड की वसूली उनके वेतन से दो समान किस्तों में की जाए।
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