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'चिराग पासवान की डिग्री फर्जी': BU ने खंगाला केंद्रीय मंत्री का शैक्षिक रिकॉर्ड, तीन सेमेस्टर में मिले पास
Sat, 31 Aug 2024 09:41 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 31 Aug 2024 09:41 PM IST
सार
मंत्री चिराग पासवान की शैक्षिक योग्यता को लेकर उठे विवाद के बीच बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से रिपोर्ट आ गई है। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में भी इंजीनियरिंग विभाग से तीन सेमेस्टर पढ़ाई का रिकॉर्ड मिला है।
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कैबिनेट मंत्री चिराग पासवान
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की शैक्षिक योग्यता को लेकर उठे विवाद के बीच बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने उनका शैक्षिक रिकॉर्ड खंगाला। रिकॉर्ड में वो कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में तीन सेमेस्टर में पास मिले हैं। उनकी पार्टी लोजपा (रामविलास) के नेताओं के
मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने चुनाव आयोग में दिए हलफनामे में भी बीयू से इंजीनियरिंग विभाग से तीन सेमेस्टर की ही पढ़ाई करने का उल्लेख किया है। डिग्री का नहीं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की शैक्षिक योग्यता को लेकर बिहार के एक व्यक्ति द्वारा कोर्ट और चुनाव आयोग में शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि झांसी की बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से ली गई चिराग पासवान की डिग्री फर्जी है। इसी बीच, बीयू के इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक डॉ. बृजेंद्र शुक्ला ने मीडिया में बयान दे दिया तो ये मामला और तूल पकड़ गया।
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सोशल मीडिया पर वायरल बयान में शिक्षक कह रहे हैं कि चिराग पासवान ने बीयू में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया था। 2005 में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा उन्होंने दी। उसके बाद व्यक्तिगत कारणों से वह परीक्षा देने नहीं आ पाए। इसलिए बीटेक की आगे की पढ़ाई नहीं हो पाई। चूंकि, केंद्रीय मंत्री चिराग ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में बीयू के इंजीनियरिंग विभाग से तीन सेमेस्टर की पढ़ाई करने का उल्लेख किया है।
ऐसे में बीयू शिक्षक द्वारा केंद्रीय मंत्री के सिर्फ एक सेमेस्टर की पढ़ाई करने के बयान से मामला और पेचीदा हो गया। मामला बढ़ा तो आनन-फानन बीयू प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री के शैक्षिक रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान में 2003-04 में बीयू के इंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश लिया था। 2005 में उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई की है।
कुलसचिव बोले-शिक्षक को बरतनी चाहिए थी सावधानी
इस मामले में कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षक बृजेंद्र शुक्ला ने याददाश्त के आधार पर ये बयान दिया है। जबकि, उन्हें रिकॉर्ड देखने के बाद ही कुछ कहना चाहिए था। शिक्षक को सावधानी बरतनी चाहिए थी। शिक्षक को बुलाकर बात की गई है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। विपक्षियों द्वारा उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो संभव नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने अपने हलफनामे में बीयू से डिग्री मिलने का उल्लेख ही नहीं किया है। उन्होंने तो लिखा है कि बीटेक के तीन सेमेस्टर में पास हैं, जो कि पूरी तरह सत्य है। - राजेश भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता, बिहार प्रदेश, लोजपा (रामविलास)।
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मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ने चुनाव आयोग में दिए हलफनामे में भी बीयू से इंजीनियरिंग विभाग से तीन सेमेस्टर की ही पढ़ाई करने का उल्लेख किया है। डिग्री का नहीं।
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केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की शैक्षिक योग्यता को लेकर बिहार के एक व्यक्ति द्वारा कोर्ट और चुनाव आयोग में शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि झांसी की बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से ली गई चिराग पासवान की डिग्री फर्जी है। इसी बीच, बीयू के इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षक डॉ. बृजेंद्र शुक्ला ने मीडिया में बयान दे दिया तो ये मामला और तूल पकड़ गया।
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सोशल मीडिया पर वायरल बयान में शिक्षक कह रहे हैं कि चिराग पासवान ने बीयू में कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया था। 2005 में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा उन्होंने दी। उसके बाद व्यक्तिगत कारणों से वह परीक्षा देने नहीं आ पाए। इसलिए बीटेक की आगे की पढ़ाई नहीं हो पाई। चूंकि, केंद्रीय मंत्री चिराग ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में बीयू के इंजीनियरिंग विभाग से तीन सेमेस्टर की पढ़ाई करने का उल्लेख किया है।
ऐसे में बीयू शिक्षक द्वारा केंद्रीय मंत्री के सिर्फ एक सेमेस्टर की पढ़ाई करने के बयान से मामला और पेचीदा हो गया। मामला बढ़ा तो आनन-फानन बीयू प्रशासन ने केंद्रीय मंत्री के शैक्षिक रिकॉर्ड को खंगालना शुरू किया। परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने बताया कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान में 2003-04 में बीयू के इंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश लिया था। 2005 में उन्होंने प्रथम, द्वितीय और तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई की है।
कुलसचिव बोले-शिक्षक को बरतनी चाहिए थी सावधानी
इस मामले में कुलसचिव विनय कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षक बृजेंद्र शुक्ला ने याददाश्त के आधार पर ये बयान दिया है। जबकि, उन्हें रिकॉर्ड देखने के बाद ही कुछ कहना चाहिए था। शिक्षक को सावधानी बरतनी चाहिए थी। शिक्षक को बुलाकर बात की गई है।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद और निराधार हैं। विपक्षियों द्वारा उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो संभव नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने अपने हलफनामे में बीयू से डिग्री मिलने का उल्लेख ही नहीं किया है। उन्होंने तो लिखा है कि बीटेक के तीन सेमेस्टर में पास हैं, जो कि पूरी तरह सत्य है। - राजेश भट्ट, प्रदेश प्रवक्ता, बिहार प्रदेश, लोजपा (रामविलास)।