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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   BU: Efforts initiated to restart the defunct STP; Estate Officer claims work will commence after the rains.

BU: बंद एसटीपी को चालू करने की कवायद शुरू, संपत्ति अधिकारी का दावा- बारिश के बाद होगा काम

Sat, 05 Sep 2026 08:21 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: दीपक महाजन Updated Sat, 05 Sep 2026 08:21 PM IST
सार

अफसरों की नजरअंदाजी के चलते सीवरेज को पाइप के जरिये गड्ढा खोदकर भरा जा रहा है। जिससे न सिर्फ आसपास गंदा पानी बह रहा है बल्कि भूजल भी दूषित हो रहा है।

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BU: Efforts initiated to restart the defunct STP; Estate Officer claims work will commence after the rains.
बीयू, झांसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुंदेलखंड विवि के शिक्षक आवासों का डेढ़ साल से बंद एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) चालू कराने की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं। जिम्मेदारों ने इसे चालू कराने के लिए कार्यदायी संस्था से संपर्क किया है। दावा है कि बारिश थमने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
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अमर उजाला ने 28 अगस्त को खबर प्रकाशित की थी। जिसमें बताया था कि बीयू परिसर में 96 शिक्षकों के आवास हैं। इनमें अधिकांश शिक्षक अपने माता-पिता, पत्नी व बच्चों के साथ रहते हैं। प्रत्येक आवास में औसतन पांच से छह सदस्य हैं। इन आवासों के सीवरेज निस्तारण के लिए एसटीपी बना है, जो करीब डेढ़ साल से मामूली खराबी की वजह से बंद है। अफसरों की नजरअंदाजी के चलते सीवरेज को पाइप के जरिये गड्ढा खोदकर भरा जा रहा है। जिससे न सिर्फ आसपास गंदा पानी बह रहा है बल्कि भूजल भी दूषित हो रहा है। मच्छर जनित बीमारी और संक्रमण फैलाने का खतरा है। संपत्ति अधिकारी प्रो. डीके भट्ट ने बताया एसटीपी को चालू कराने की दिशा में प्रयास शुरू हो गए हैं। बारिश के मौसम के बाद खराब उपकरण प्राथमिकता से सही कराए जाएंगे।
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नौ लाख रुपये में सही होंगी लिफ्टें
बीयू के शिक्षक आवासों की खराब लिफ्टों को नौ लाख रुपये में सही कराया जाएगा। इसके लिए कार्यदायी संस्था ने एस्टीमेट बनाकर संपत्ति विभाग को सौंप दिया है। चार मंजिला शिक्षक आवासों की लिफ्ट करीब दो साल से खराब होने की वजह से बंद है। जिसकी वजह से शिक्षकों के बुजुर्गों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। आरोप है कि बीयू प्रशासन लिफ्ट मेंटेनेंस के नाम पर शिक्षकों से शुल्क की वसूली कर रहा है, मगर लिफ्ट खराब की शिकायत का निस्तारण नहीं कर रहा है। संपत्ति अधिकारी प्रो. डीके भट्ट का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने नौ लाख रुपये में लिफ्ट चालू करने का प्रस्ताव दिया है। इसलिए जल्द ही लिफ्टों को सही करवा दिया जाएगा।
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