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Jhansi News: बीयू में सीनियर्स की अराजकता पर दो दिन तक मौन रहे जिम्मेदार
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को हुए बवाल से दो दिन पहले ही विवाद की चिंगारी सुलग उठी थी। जूनियर्स को परिचय देने के लिए हॉस्टल बुलाने पर सीनियर्स अड़े हुए थे। बार-बार मना करने के बाद 19 दिसंबर को जूनियर्स छात्रों के वीडियो बनाए गए और फोटो खींची गई। कहा कि अब सभी की पीटेंगे। जिम्मेदार सूचना मिलने के बाद भी मामले को हल्के में लेते रहे और फिर 21 दिसंबर को बवाल हो गया।
कुलपति को दिए प्रार्थनापत्र में कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र संस्कार वर्मा ने आरोप लगाया कि कई दिनों से उसे लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल में रैगिंग के लिए बुलाया जा रहा था। जब वो नहीं गया तो 18 दिसंबर को फोन कर सीनियर्स ने गालियां दीं। 19 नवंबर को लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने वीडियो बनाए और फोटो खींची। इसकी सूचना उन्होंने विभाग समन्वयक को दी तो वो बोले अभी अवकाश पर हूं। आने पर बात को सुलझाएंगे। इसके एक दिन बाद विश्वविद्यालय में इतना बड़ा बवाल हो गया।
दूसरे गेट से बीयू में दाखिल हुए अधिकारी
झांसी। विश्वविद्यालय के मेन गेट पर छात्र धरने पर बैठे हुए थे। किसी भी अधिकारी और शिक्षक, कर्मचारी की गाड़ी अंदर नहीं जाने दे रहे थे। ऐसे में कुलपति और कुलसचिव इंडोर स्टेडियम के सामने वाले गेट से विश्वविद्यालय पहुंचे।
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तात्कालिक रूप से पांच छात्रों का दो महीने का निष्कासन, तीन छात्रों की जांच के लिए कमेटी का गठन और तीन बाहरी छात्रों का बीयू कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए शुक्रवार को कमेटी भी गठित की जाएगी। अगर इसमें वार्डन या फिर किसी अन्य शिक्षक की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई करेंगे। शिक्षकों की जिम्मेदारियों में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।
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कुलपति को दिए प्रार्थनापत्र में कंप्यूटर साइंस प्रथम वर्ष के छात्र संस्कार वर्मा ने आरोप लगाया कि कई दिनों से उसे लॉर्ड बुद्धा हॉस्टल में रैगिंग के लिए बुलाया जा रहा था। जब वो नहीं गया तो 18 दिसंबर को फोन कर सीनियर्स ने गालियां दीं। 19 नवंबर को लार्ड बुद्धा हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने वीडियो बनाए और फोटो खींची। इसकी सूचना उन्होंने विभाग समन्वयक को दी तो वो बोले अभी अवकाश पर हूं। आने पर बात को सुलझाएंगे। इसके एक दिन बाद विश्वविद्यालय में इतना बड़ा बवाल हो गया।
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दूसरे गेट से बीयू में दाखिल हुए अधिकारी
झांसी। विश्वविद्यालय के मेन गेट पर छात्र धरने पर बैठे हुए थे। किसी भी अधिकारी और शिक्षक, कर्मचारी की गाड़ी अंदर नहीं जाने दे रहे थे। ऐसे में कुलपति और कुलसचिव इंडोर स्टेडियम के सामने वाले गेट से विश्वविद्यालय पहुंचे।
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तात्कालिक रूप से पांच छात्रों का दो महीने का निष्कासन, तीन छात्रों की जांच के लिए कमेटी का गठन और तीन बाहरी छात्रों का बीयू कैंपस में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए शुक्रवार को कमेटी भी गठित की जाएगी। अगर इसमें वार्डन या फिर किसी अन्य शिक्षक की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई करेंगे। शिक्षकों की जिम्मेदारियों में भी कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। - विनय कुमार सिंह, कुलसचिव, बीयू।