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बीयू में कंप्यूटर्स से चोरी हो रहे पार्ट्स
ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:25 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में लैब में रखे कंप्यूटर्स से पार्ट्स चोरी हो रहे हैं। बीते कुछ दिनों से ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। चोरी किए गए पार्ट्स के जरिए एसेंबल्ड कंप्यूटर तैयार करने का शक है।
हाल ही में विज्ञान भवन स्थित लैब में रखे करीब 35 कंप्यूटर्स को लॉ विभाग की लाइब्रेरी में शिफ्ट किया गया था। जब कंप्यूटर्स की फिटिंग की बारी आई तब पता चला कि उनमें से दस चल ही नहीं रहे हैं। जांच करने पर दसों कंप्यूटर्स में से किसी की हार्ड डिस्क और रैम गायब थी, तो किसी में स्विच्ड मोड पावर सप्लाई (एसएमपीएस) और सीपीयू प्रोसेसर चिप ही नहीं थी।
जितनी सफाई से कंप्यूटर्स के पार्ट्स चोरी किए गए हैं, उससे लगता है कि किसी टेक्निकल स्टाफ का इसमें हाथ हो सकता है। यह भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि कंप्यूटर्स के पार्ट्स चोरी करके एसेंबल्ड कंप्यूटर तैयार किए जा रहे हैं। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद हड़कंप की स्थिति है।
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जिस लैब से कंप्यूटरों से पार्ट्स चोरी हुए हैं, उसकी जिम्मेदारी एक असिस्टेंट प्रोफेसर की थी। ऐसा लगता है कि उन्होंने बिल्कुल भी लैब पर ध्यान नहीं दिया और एक के बाद एक दस कंप्यूटरों से पार्ट्स चोरी होते रहे। यहीं नहीं, मामलेे की जांच को अभी तक कमेटी भी गठित नहीं की गई है।
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हाल ही में विज्ञान भवन स्थित लैब में रखे करीब 35 कंप्यूटर्स को लॉ विभाग की लाइब्रेरी में शिफ्ट किया गया था। जब कंप्यूटर्स की फिटिंग की बारी आई तब पता चला कि उनमें से दस चल ही नहीं रहे हैं। जांच करने पर दसों कंप्यूटर्स में से किसी की हार्ड डिस्क और रैम गायब थी, तो किसी में स्विच्ड मोड पावर सप्लाई (एसएमपीएस) और सीपीयू प्रोसेसर चिप ही नहीं थी।
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जितनी सफाई से कंप्यूटर्स के पार्ट्स चोरी किए गए हैं, उससे लगता है कि किसी टेक्निकल स्टाफ का इसमें हाथ हो सकता है। यह भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि कंप्यूटर्स के पार्ट्स चोरी करके एसेंबल्ड कंप्यूटर तैयार किए जा रहे हैं। हाल ही में ऐसे कई मामले सामने आने के बाद हड़कंप की स्थिति है।
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जिस लैब से कंप्यूटरों से पार्ट्स चोरी हुए हैं, उसकी जिम्मेदारी एक असिस्टेंट प्रोफेसर की थी। ऐसा लगता है कि उन्होंने बिल्कुल भी लैब पर ध्यान नहीं दिया और एक के बाद एक दस कंप्यूटरों से पार्ट्स चोरी होते रहे। यहीं नहीं, मामलेे की जांच को अभी तक कमेटी भी गठित नहीं की गई है।