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बीयू : मूल्यांकन में लापरवाही पर 27 शिक्षकों को अर्थदंड
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यूजी-पीजी परीक्षाओं के मूल्यांकन में लापरवाही बरतने पर बीयू प्रशासन ने 27 शिक्षकों पर 500-500 रुपये अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही तीन शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से हटा दिया है। दावा है कि सख्त कार्रवाई के बाद त्रुटि रहित मूल्यांकन कार्य ने तेजी पकड़ी है।
बीयू कैंपस और संबद्ध कॉलेज की यूजी-पीजी विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं जनवरी में खत्म हो गईं मगर अभी तक मूल्यांकन पूर्ण नहीं हुआ है। इस कार्य में स्थायी के अलावा सेल्फ फाइनेंस के भी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। हकीकत यह है कि मूल्यांकन शुरू होने के बाद कैंपस के ही कई शिक्षकों ने रुचि नहीं ली। इसके चलते परीक्षा नियंत्रक ने दो बार हिदायती पत्र जारी करके जवाब तलब किया।
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सूत्र बताते हैं कि कुछ समय मूल्यांकन कार्य ने रफ्तार पकड़ी। इसके बाद मूल्यांकन कार्य करने वाले शिक्षकों ने ओएमआर सीट पर अंक भरने में लापरवाही बरतना शुरू कर दिया। किसी में प्राप्तांक का कुल योग गलत तो किसी ने विद्यार्थी द्वारा खंड गलत लिखने पर गलत खंड के हिसाब से ही अंक दिए, जो नियमानुसार गलत है। इसे लेकर कई बार हिदायत दी गई मगर कोई सुधार नहीं हुआ।
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सूत्र बताते हैं कि मुख्य मूल्यांकन समन्वयक प्रो. बीके सहगल और प्रो. एके सिंह की सख्ती के बाद लगातार ऐसी गलती करने वाले 27 शिक्षकों को चिह्नित कर उनकी सूची परीक्षा नियंत्रक को दी गई। सभी पर 500-500 रुपये अर्थदंड लगाया गया है। दावा किया जा रहा है कि बीयू प्रशासन की कार्रवाई के बाद शुचिता के साथ मूल्यांकन कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। बीयू के सूत्रों के अनुसार, अर्थदंड की कार्रवाई के बाद मूल्यांकन कार्य में जुटे शिक्षकों का कुछ काॅपियां जांचने के बाद इधर-उधर घूमना और काफी-काफी देर तक बातचीत करना बंद हो गया है।
15 मार्च तक रिजल्ट जारी करने का दावा
परीक्षा नियंत्रक का दावा है कि मूल्यांकन कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जैसे-जैसे मूल्यांकन हो रहा है, वैसे-वैसे नंबरों को कंप्यूटर पर फीड करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 15 मार्च तक सभी परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
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मूल्यांकन कार्य में लापरवाही, ओएमआर सीट पर गलत अंक चढ़ाने अथवा विद्यार्थी के गलत खंड लिखने पर उसी के हिसाब से अंक देने आदि मामलों में 27 शिक्षकों पर अर्थदंड लगाया गया है। अब मूल्यांकन कार्य शुचिता के साथ तेजी से चल रहा है। सेल्फ फाइनेंस के तीन शिक्षकों को मूल्यांकन से हटा दिया है। प्रयास है कि 15 मार्च तक सभी परिणाम जारी कर दिए जाए। - राजबहादुर, परीक्षा नियंत्रक बीयू