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बेतवा नदी में मिला शव मनीषा का था
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बेतवा नदी में मिला शव मनीषा का था
झांसी। थाना चिरगांव स्थित बेतवा नदी में 15 जुलाई को मिले शव की शिनाख्त मनीषा (20) के रूप में हुई। पुलिस ने शिनाख्त कराने के बाद परिजनों को बुलाकर पोस्टमार्र्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव सौंपा। छत पर सोते समय जहरीले कीड़े के काटने से मौत होने पर परिजनोें ने ही बेतवा नदी में अंतिम संस्कार कर दिया था।
बताया गया है कि थाना ककरबई स्थित हीरानगर निवासी विंद्रा की पुत्री मनीषा छत पर सो रही थी। इसी दौरान सोते समय जहरीले कीड़े के काटने से शरीर नीला पड़ने के कारण हालत बिगड़ गई थी। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मनीषा की मौत हो गई थी। परिजनों ने भी अंतिम संस्कार करते हुए उसका शव बेतवा नदी में बहा दिया था। इसके बाद परिजन पानी मेें बहाकर अंतिम संस्कार कर चले गए थे। उसके अगले दिन मनीषा का शव थाना चिरगांव स्थित ध्वानी गांव के पास बने पुल के पास मिला था। रस्सी बंधे होने के कारण पुलिस को हत्या का शक पैदा हुआ। पुलिस ने आसपास के इलाके में भी शिनाख्त का प्रयास किया था, लेकिन सफलता न मिलने पर अज्ञात में कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया था। 72 घंटे बीतने के बाद पुलिस शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराने में जुटी थी, तभी पुलिस को उसके पिता की जानकारी मिली। ककरबई पुलिस ने घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और उसे पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। यहां शिनाख्त करने के बाद पुलिस को सारी हकीकत बताई। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौैंप दिया। फिर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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झांसी। थाना चिरगांव स्थित बेतवा नदी में 15 जुलाई को मिले शव की शिनाख्त मनीषा (20) के रूप में हुई। पुलिस ने शिनाख्त कराने के बाद परिजनों को बुलाकर पोस्टमार्र्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव सौंपा। छत पर सोते समय जहरीले कीड़े के काटने से मौत होने पर परिजनोें ने ही बेतवा नदी में अंतिम संस्कार कर दिया था।
बताया गया है कि थाना ककरबई स्थित हीरानगर निवासी विंद्रा की पुत्री मनीषा छत पर सो रही थी। इसी दौरान सोते समय जहरीले कीड़े के काटने से शरीर नीला पड़ने के कारण हालत बिगड़ गई थी। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय मनीषा की मौत हो गई थी। परिजनों ने भी अंतिम संस्कार करते हुए उसका शव बेतवा नदी में बहा दिया था। इसके बाद परिजन पानी मेें बहाकर अंतिम संस्कार कर चले गए थे। उसके अगले दिन मनीषा का शव थाना चिरगांव स्थित ध्वानी गांव के पास बने पुल के पास मिला था। रस्सी बंधे होने के कारण पुलिस को हत्या का शक पैदा हुआ। पुलिस ने आसपास के इलाके में भी शिनाख्त का प्रयास किया था, लेकिन सफलता न मिलने पर अज्ञात में कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया था। 72 घंटे बीतने के बाद पुलिस शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराने में जुटी थी, तभी पुलिस को उसके पिता की जानकारी मिली। ककरबई पुलिस ने घर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और उसे पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। यहां शिनाख्त करने के बाद पुलिस को सारी हकीकत बताई। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के बाद पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौैंप दिया। फिर परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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