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Jhansi News: बुंदेलखंड में भाजपा की बचाई लाज... मंत्रिमंडल में जगह न बना सके अनुराग

Mon, 10 Jun 2024 04:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2024 04:39 AM IST
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BJP's shame saved in Bundelkhand... Anurag could not make place in the cabinet
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। लोकसभा चुनाव में भाजपा बुंदेलखंड की चार लोकसभा सीटों में से एक झांसी सीट ही जीत पाई। भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने एक लाख मतों से चुनाव जीतकर भाजपा की लाज बचाई, लेकिन वह केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान न पा सके। ये लगातार दूसरा मौका है जब केंद्रीय मंत्रिमंडल में झांसी को प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। अंतिम बार 2014 में सांसद उमा भारती केंद्र सरकार में मंत्री बनी थीं।
साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बुंदेलखंड की चारों हमीरपुर, बांदा, जालौन और झांसी सीट जीतीं थीं। इस बार हुए चुनाव में हमीरपुर, बांदा और जालौन में सपा प्रत्याशियों की जीत हुई। केवल झांसी सीट पर ही भाजपा प्रत्याशी अनुराग शर्मा ने एक लाख मतों से जीत दर्ज कर बुंदेलखंड में भाजपा की लाज बचाई। उनकी जीत के साथ ही भाजपा ने भी झांसी सीट पर विजय की हैट्रिक लगाई। ऐसे में झांसी से लगातार दूसरी बार सांसद बने अनुराग शर्मा के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी। मगर ऐसा नहीं हो सका।
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2019 में भी झांसी सीट से अनुराग शर्मा ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। अनुराग चुनाव जीते मगर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए। ऐसे में झांसी को लगातार दूसरी बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया। जबकि 2014 में भाजपा की दिग्गज नेता उमा भारती चुनाव जीतकर सांसद बनीं। केंद्र में पहली बार मोदी सरकार बनने पर उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। उमा पूरे पांच साल तक मंत्री रहीं।
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तीन सांसद बन सके केंद्रीय मंत्री
झांसी में 1952 से अब तक हुए चुनावों में तीन नेताओं को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकी है। झांसी संसदीय क्षेत्र में पहला लोकसभा चुनाव 1952 में हुआ था। प्रथम सांसद चुने गए रघुनाथ विनायक धुलेकर मंत्री नहीं बन पाए थे। 1957 में सुशीला नैय्यर चुनाव जीतीं मगर उन्हें भी मंत्री नहीं बनाया गया। मगर तीसरे चुनाव में केंद्रीय मंत्रिमंडल में झांसी का सूखा खत्म हो गया। 1962 में लगातार दूसरी बार सांसद चुनी गईं सुशीला नैय्यर को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। इसके बाद 1967 से लेकर 2004 तक 11 बार लोकसभा चुनाव हुए, मगर कोई सांसद केंद्र में मंत्री नहीं बन पाया। फिर 2009 में लोकसभा चुनाव जीतने वाले प्रदीप जैन आदित्य को यूपीए सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री बनने का मौका मिला। इसके बाद उमा भारती 2014 में मंत्री बनी थीं।

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पड़ोसी जिले टीकमगढ़ के सांसद वीरेंद्र फिर बने मंत्री
झांसी से सटे मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से सांसद चुने गए वीरेंद्र कुमार एक बार फिर से कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं। वह लगातार तीसरी बार केंद्र सरकार में मंत्री बने हैं।
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