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मंडी के भीतर और बाहर जाम ही जाम

Tue, 30 Oct 2018 12:56 AM IST
jhansi
jhansi Updated Tue, 30 Oct 2018 12:56 AM IST
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big trafic jam in mandi
traffic jam - फोटो : demo
इन दिनों गल्ला मंडी के भीतर और बाहर सड़क पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। मूंगफली, उड़द और तिल से लदी गाड़ियों की रिसाला चुंगी तक कतारें लगी रहती हैं। इससे आसपास की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है। पुलिस को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।
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 मंडी में खरीफ की उपज की आवक अक्तूबर की शुरुआत में ही हो गई थी। लेकिन, दीपावली के नजदीक आने के साथ ही इसमें बेतहाशा रूप से तेजी आ गई है। किसान त्योहार से पहले नकदी खड़ी करना चाहते हैं। साथ ही त्योहार के बाद उन्हें रबी की बुवाई के लिए भी रकम की जरूरत होगी। इससे स्थिति ये है कि गल्ला मंडी में दिन भर पांव रखने को भी जगह तलाशना मुश्किल हो जाता है। बाहर रिसाला चुंगी तक गाड़ियों की कतारें लगी रहती हैं। इसका असर बस स्टैंड तक के यातायात पर पड़ता है। लोगोें को जाम से जूझकर आगे बढ़ना पड़ता है। हालांकि, यातायात व्यवस्था संभालने के लिए यहां पुलिस तैनात रहती है। लेकिन, उपज से लदी गाड़ियों की संख्या अधिक और जगह कम होने की वजह से पुलिस को भी इसमें काफी कठिनाई आ रही है।  
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भोजला मंडी में सन्नाटा
बुंदेलखंड पैकेज के तहत भोजला में सौ एकड़ क्षेत्रफल में मंडी का निर्माण किया गया था। पांच करोड़ की लागत से बनी ये मंडी दो साल पहले बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन अब तक यहां काम शुरू नहीं हो पाया है। मंडी समिति 124 में से सिर्फ नौ का ही आवंटन कर पाई है। पुरानी मंडी के दुकानदार नई मंडी में दुकान के बदले दुकान मांग रहे हैं। मंडी समिति और व्यापारियों के बीच अभी इस मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई है, जिसके चलते यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। मंडी के यहां स्थानांतरित होने से जाम जैसी समस्या नहीं रहेगी।
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अस्थायी आवंटन, फिर नहीं गए दुकानदार
पुरानी मंडी में 110 दुकानें हैं, जबकि लाइसेंसधारी कारोबारियों की संख्या ढाई सौ है। मंडी का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे साढ़े सात एकड़ में बनी इस मंडी में जगह लगातार कम होती जा रही है। इससे यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। इस स्थिति से निपटने के लिए मंडी कारोबारियों को अक्तूबर से जनवरी तक चार महीने के लिए अस्थायी रूप से भोजला में कारोबार की स्वीकृति दी गई थी। लेकिन, कारोबारी वहां नहीं गए। उनका कहना है कि भोजला मंडी में पानी, बिजली, पुलिस चौकी, बैंक जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। ऐसे में वहां कारोबार नहीं किया जा सकता।

खरीद केंद्र नहीं खुलने से बढ़ी परेशानी
इस बार जिले में मूंगफली और उड़द के सरकारी खरीद केंद्र नहीं खोले गए हैं। इससे किसान मंडी में अपने माल की बिक्री करने आ रहे हैं। झांसी के अलावा ललितपुर और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों के किसान भी यहां आते हैं। खासतौर पर झांसी मूंगफली की बढ़ी मंडी है। यहां देश भर से व्यापारी मूंगफली की खरीद करने आते हैं। मंडी में किसानों को नकद भुगतान किया जाता है। यही वजह है कि गल्ला मंडी में किसान ज्यादा आते हैं। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि इस बार बारिश अच्छी होने की वजह से फसल अच्छी हुई है। इससे माल बेचने आने वाले किसानों की संख्या पिछले साल से दोगुने से अधिक हो गई है।


मूलभूत सुविधाएं भी नहीं
भोजला मंडी में चार महीने के लिए अस्थायी रूप से कारोबार की अनुमति तो दी गई है, लेकिन वहां न तो पानी है, बिजली की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा पुलिस चौकी और बैंक भी नहीं है। ऐसे में कारोबारी वहां कैसे व्यापार कर सकते हैं। यही वजह है कि असुविधाओं के बीच मजबूरी में पुरानी मंडी में कारोबार करना पड़ रहा है।
- उमेश गुप्ता, अध्यक्ष - गल्ला व्यापार मंडल  

दुकान के बदले दी जाए दुकान
कई दशकों से हम लोग गल्ला मंडी में व्यापार करते आ रहे हैं। अब नई मंडी में नये सिरे से दुकानों के आवंटन की तैयारी है। जबकि, हमारी मांग है कि पुराने मंडी के दुकानदारों को नई मंडी में दुकान के बदले दुकान दी जाए। इस पर सहमति बन जाए तो समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। पूरी मंडी वहां शिफ्ट हो जाएगी।
- रमेश चंद्र गुप्ता, गल्ला कारोबारी  


बैठने को भी नहीं है जगह
सुबह कतार में मंडी के बाहर खड़े हुए हैं। दोपहर बाद गाड़ी मंडी के भीतर घुस पाई है। यहां बैठने के लिए भी जगह नहीं है। इस स्थिति में किसान अपनी उपज का सही ढंग से मोलभाव भी नहीं कर पा रहे हैं। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
- मोहन, किसान - ग्राम उगरपुर, जिला ललितपुर

नहीं मिल रहा सही दाम
अच्छी बारिश होने की वजह से कई साल बाद मूंगफली की अच्छी उपज हुई है। लेकिन, उपज के सही दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसमें समझौता करना पड़ रहा है। भीड़ अधिक होने की वजह से तसल्ली से अपना माल नहीं बेच पा रहे हैं।

- अमृत, किसान - ग्राम चिरली करैरा, जिला शिवपुरी

भोजला मंडी में बिजली के लिए बिजली विभाग ने साढ़े चार लाख का एस्टिमेट दिया है। मंडी पर ये बजट नहीं है। शासन से मांगा गया है। बजट मिलने से पहले तक जनरेटर की व्यवस्था कराई जा रही है। इसके अलावा भोजला में अभी दो हैंडपंप और एक बोरिंग है। दस हैंडपंप लगवाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। जल्द मूलभूत सुविधाएं विकसित कर व्यापारियों को वहां भेजा जाएगा।
- राजेश वर्मा, मंडी सचिव
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