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किशोरावस्था में होते हैं बदलाव, किशोरियां रखें ध्यान
Fri, 03 May 2019 02:06 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 03 May 2019 02:06 AM IST
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aprajita 100 miliun smiles
- फोटो : amarujala
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अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल’ के तहत खुशीपुरा स्थित वीरांगना झलकारी बाई इंटर कॉलेज में किशोरी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें किशोरियों को किशोरावस्था में होने वाले बदलाव के साथ ही होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी दीं गईं।
जिला अस्पताल की काउंसलर हेमलता शर्मा ने छात्राओं को बताया कि किशोरावस्था में आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव के दौरान कई सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। किशोरावस्था में शारीरिक और मानसिक बदलाव के दौरान होने वाली गतिविधियों को परिजनों से लेकर अपनी दोस्तों को बतानी चाहिए। उन्होंने माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकीन का प्रयोग करने की सलाह दी। इस दौरान छात्राओं ने स्वास्थ्य संबंधी कई सवाल किए जिनके जवाब उनको विशेषज्ञों द्वारा दिए गए।
उप प्रधानाचार्या धनकुमारी गुरूंग ने संतुलित आहार लेने, खेलकूद, व्यायाम करने पर जोर दिया। साथ ही बताया कि सबसे पहले बालिकाओं को तनाव मुक्त रहना चाहिए। इसके लिए निरंतर पुस्तकों का अध्ययन और अन्य गतिविधियां को शामिल करने की सलाह दी। अंत में सभी ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाने की शपथ ली। इस मौके पर प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह चौहान, प्रियंका खरे, निशा मंसूरी, भारती वर्मा, दीपक साहू मौजूद रहे।
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किशोरावस्था में कई समस्याओं से गुजरना होता है। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को सचेत करने का काम सराहनीय है। - प्राची वर्मा, छात्रा
किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो तो अपनी मां या बड़ी बहन से उसे साझा करने की प्रेरणा मिली है। ऐसा होना भी चाहिए, इससे समाधान मिलेगा। - निकिता, छात्रा
किशोरावस्था में होने वाली समस्याओं से उलझन पैदा होती है। उस उलझन से कैसे उबरना है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया है। अब कोई समस्या नहीं होगी। - प्रीति, छात्रा
किशोरावस्था में होने वाले बदलाव को लेकर जहन में कई सवाल थे, जिन्हें कार्यशाला में उठाया। विशेषज्ञों ने उनका समाधान कर मन का बोझ हल्का किया। - रुचि, छात्रा
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जिला अस्पताल की काउंसलर हेमलता शर्मा ने छात्राओं को बताया कि किशोरावस्था में आने वाले शारीरिक और मानसिक बदलाव के दौरान कई सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। किशोरावस्था में शारीरिक और मानसिक बदलाव के दौरान होने वाली गतिविधियों को परिजनों से लेकर अपनी दोस्तों को बतानी चाहिए। उन्होंने माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकीन का प्रयोग करने की सलाह दी। इस दौरान छात्राओं ने स्वास्थ्य संबंधी कई सवाल किए जिनके जवाब उनको विशेषज्ञों द्वारा दिए गए।
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उप प्रधानाचार्या धनकुमारी गुरूंग ने संतुलित आहार लेने, खेलकूद, व्यायाम करने पर जोर दिया। साथ ही बताया कि सबसे पहले बालिकाओं को तनाव मुक्त रहना चाहिए। इसके लिए निरंतर पुस्तकों का अध्ययन और अन्य गतिविधियां को शामिल करने की सलाह दी। अंत में सभी ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाने की शपथ ली। इस मौके पर प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह चौहान, प्रियंका खरे, निशा मंसूरी, भारती वर्मा, दीपक साहू मौजूद रहे।
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किशोरावस्था में कई समस्याओं से गुजरना होता है। ऐसे में विशेषज्ञों की ओर से जागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को सचेत करने का काम सराहनीय है। - प्राची वर्मा, छात्रा
किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो तो अपनी मां या बड़ी बहन से उसे साझा करने की प्रेरणा मिली है। ऐसा होना भी चाहिए, इससे समाधान मिलेगा। - निकिता, छात्रा
किशोरावस्था में होने वाली समस्याओं से उलझन पैदा होती है। उस उलझन से कैसे उबरना है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया है। अब कोई समस्या नहीं होगी। - प्रीति, छात्रा
किशोरावस्था में होने वाले बदलाव को लेकर जहन में कई सवाल थे, जिन्हें कार्यशाला में उठाया। विशेषज्ञों ने उनका समाधान कर मन का बोझ हल्का किया। - रुचि, छात्रा