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भावनी बांध डूब क्षेत्र के लोगों ने मांगा मुआवजा, ज्ञापन देने से मना करने पर किसानों ने की नारेबाजी
Sun, 14 Feb 2021 02:10 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2021 02:10 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
भावनी बांध के डूूब क्षेत्र में आ रहे ग्राम जरावली व बुरौगांव के किसानों ने प्रभारी मंत्री को ज्ञापन देने से मना करने पर कैलगुवा तिराहा के पास नारेबाजी की। बाद में किसानों ने नेहरू महाविद्यालय में जाकर ज्ञापन सौंपा। मांग की गई कि भावनी बांध डूब क्षेत्र के लोगों को मुआवजा दिया जाए।
प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव दोपहर करीब बारह बजे नेहरू महाविद्यालय में आम बजट की चर्चा में भाग लेने के लिए कैलगुवां तिराहा के पास पहुंचे। यहां किसानों ने मंत्री को ज्ञापन देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किसानों को ज्ञापन देने से रोक दिया। इस पर किसान भड़क गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर उप जिलाधिकारी ने किसानों को ज्ञापन दिलाने का भरोसा दिया, तब जाकर किसान माने।
बाद में नेहरू महाविद्यालय में प्रभारी मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि वह ब्लाक बार के ग्राम जरावली व बुरौगांव के किसान हैं, उनकी जमीन भावनी बांध के डूब क्षेत्र में आ गई है। इसका मुआवजा 2013-14 में आधा - अधूरा दिया गया था। इसमें परिसंपत्तियों के मुआवजा को शामिल नहीं किया गया था। 2013-14 में विभाग ने जिन किसानों से भूमि का बैनामा कराया था और उनसे वायदा किया था कि सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा की राशि अनुपूरक के रूप में दी जाएगी, लेकिन ऐसा किया नहीं गया है।
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मांगों को लेकर किसान छह माह से धरना- प्रदर्शन, आंदोलन कर रहे हैं। गांव में सर्वे नहीं कराया गया। ज्ञापन पर सुनील शर्मा, रविंद्र पाल सिंह परमार, कल्लू राजा, धर्मेंद्र सिंह, बृजभान सिंह, शिशुपाल सिंह, चालीराजा आदि के हस्ताक्षर हैं।
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प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव दोपहर करीब बारह बजे नेहरू महाविद्यालय में आम बजट की चर्चा में भाग लेने के लिए कैलगुवां तिराहा के पास पहुंचे। यहां किसानों ने मंत्री को ज्ञापन देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने किसानों को ज्ञापन देने से रोक दिया। इस पर किसान भड़क गए और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर उप जिलाधिकारी ने किसानों को ज्ञापन दिलाने का भरोसा दिया, तब जाकर किसान माने।
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बाद में नेहरू महाविद्यालय में प्रभारी मंत्री को दिए ज्ञापन में कहा कि वह ब्लाक बार के ग्राम जरावली व बुरौगांव के किसान हैं, उनकी जमीन भावनी बांध के डूब क्षेत्र में आ गई है। इसका मुआवजा 2013-14 में आधा - अधूरा दिया गया था। इसमें परिसंपत्तियों के मुआवजा को शामिल नहीं किया गया था। 2013-14 में विभाग ने जिन किसानों से भूमि का बैनामा कराया था और उनसे वायदा किया था कि सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा की राशि अनुपूरक के रूप में दी जाएगी, लेकिन ऐसा किया नहीं गया है।
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मांगों को लेकर किसान छह माह से धरना- प्रदर्शन, आंदोलन कर रहे हैं। गांव में सर्वे नहीं कराया गया। ज्ञापन पर सुनील शर्मा, रविंद्र पाल सिंह परमार, कल्लू राजा, धर्मेंद्र सिंह, बृजभान सिंह, शिशुपाल सिंह, चालीराजा आदि के हस्ताक्षर हैं।