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रक्षाबंधन पर नहीं रहेगी भद्रा
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झांसी। श्रावण पूर्णिमा 22 अगस्त को भाई-बहन के असीम प्रेम का पर्व रक्षाबंधन उत्साह से मनाया जाएगा। इस बार इस त्योहार पर भद्रा का कोई प्रभाव नहीं रहेगा। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और शोभन योग रहेगा। यह योग शुभकारी है। वहीं, इस दिन शाम को राहुकाल रहेगा। बहनें इस काल में भाई को राखी न बांधे।
पंचांगों के अनुसार हर साल श्रावण माह की पूर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। इस साल श्रावण माह की पूर्णिमा 22 अगस्त को है। पूर्णिमा तिथि शनिवार 21 अगस्त को शाम 7 बजे से शुरू हो जाएगी, जो रविवार 22 अगस्त को शाम 5.31 तक रहेगी। त्योहार पर पिछले वर्षों की तरह इस बार भद्रा नहीं रहेगी। ऐसे में पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा, हालांकि रविवार को राहु काल शाम 5.17 से शुरू होगा, जो शाम 6.52 बजे समाप्त होगा। इस अवधि में बहनें राखी बांधने से परहेज करें। आचार्य शांतनु पांडे ने बताया त्योहार पर धनिष्ठा नक्षत्र और शोभन योग रहेगा, जो भाई और बहन के संबंधों को और मजबूत करेगा। बहनें अपने इष्ट देव का स्मरण कर उन्हें राखी अर्पित करें।
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पंचांगों के अनुसार हर साल श्रावण माह की पूर्णिमा को यह त्योहार मनाया जाता है। इस साल श्रावण माह की पूर्णिमा 22 अगस्त को है। पूर्णिमा तिथि शनिवार 21 अगस्त को शाम 7 बजे से शुरू हो जाएगी, जो रविवार 22 अगस्त को शाम 5.31 तक रहेगी। त्योहार पर पिछले वर्षों की तरह इस बार भद्रा नहीं रहेगी। ऐसे में पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा, हालांकि रविवार को राहु काल शाम 5.17 से शुरू होगा, जो शाम 6.52 बजे समाप्त होगा। इस अवधि में बहनें राखी बांधने से परहेज करें। आचार्य शांतनु पांडे ने बताया त्योहार पर धनिष्ठा नक्षत्र और शोभन योग रहेगा, जो भाई और बहन के संबंधों को और मजबूत करेगा। बहनें अपने इष्ट देव का स्मरण कर उन्हें राखी अर्पित करें।
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