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उत्तम सत्य वरत पालीजे, पर विश्वासघात नहीं कीजे
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झांसी। पर्यूषण पर्व के मौके पर महानगर के जैन मंदिरों में अभूतपूर्व धर्म प्रभावना हो रही है। साथ ही आस्था और भक्ति का सैलाब उमड़ रहा है। मंगलवार को पर्यूषण पर्व के पांचवे दिन मंदिरों में उत्तम सत्य धर्म की पूजा की गई। इस मौके पर नौवें तीर्थंकर भगवान पुष्पदंत नाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाया गया।
महानगर के गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में आर्यिका विविक्तश्री माताजी, आर्यिका विजिज्ञासाश्री माताजी ने कहा कि सभी को उत्तम सत्य धर्म का पालन करना चाहिए। किसी के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। झूठे वचनों का त्याग करना और आत्मा में सत्य आचरण लाना सत्य धर्म है। जो वस्तु जैसी है उसे वैसा ही मानना सत्य है। सत्य के विपरीत मिथ्यात्व ही समस्त संसार में भ्रमण का कारण है। इसलिए हमें सत्य धर्म को अंगीकार करना चाहिए। यही लक्षण हमें मोक्ष की और ले जाता है। इससे पूर्व शांतिधारा और पूजन का आयोजन किया गया। साथ ही भगवान पुष्पंदतनाथ के निर्वाण कल्याणक पर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इसके अलावा नगरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शाम को प्रश्नमंच प्रतियोगिता में रूपल जैन प्रथम, रितिका जैन द्वितीय, श्रुति जैन तृतीय रहीं। इस मौके पर ज्ञानचंद जैन, विमल जैन, अशोक जैन, अमित जैन, देवेंद्र कुमार जैन, राजेंद्र जैन, आशीष जैन, अशोक जैन मौजूद रहे। वहीं चंद्रोदय तीर्थ, गुदरी जैन मंदिर, सिविल लाइंस स्थित चंद्रप्रभु जिनालय, कटरा जैन मंदिर में भी धार्मिक आयोजन हुए।
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महानगर के गांधी रोड स्थित पंचायती मंदिर में आर्यिका विविक्तश्री माताजी, आर्यिका विजिज्ञासाश्री माताजी ने कहा कि सभी को उत्तम सत्य धर्म का पालन करना चाहिए। किसी के साथ विश्वासघात नहीं करना चाहिए। झूठे वचनों का त्याग करना और आत्मा में सत्य आचरण लाना सत्य धर्म है। जो वस्तु जैसी है उसे वैसा ही मानना सत्य है। सत्य के विपरीत मिथ्यात्व ही समस्त संसार में भ्रमण का कारण है। इसलिए हमें सत्य धर्म को अंगीकार करना चाहिए। यही लक्षण हमें मोक्ष की और ले जाता है। इससे पूर्व शांतिधारा और पूजन का आयोजन किया गया। साथ ही भगवान पुष्पंदतनाथ के निर्वाण कल्याणक पर निर्वाण लाडू चढ़ाया गया। इसके अलावा नगरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में भी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शाम को प्रश्नमंच प्रतियोगिता में रूपल जैन प्रथम, रितिका जैन द्वितीय, श्रुति जैन तृतीय रहीं। इस मौके पर ज्ञानचंद जैन, विमल जैन, अशोक जैन, अमित जैन, देवेंद्र कुमार जैन, राजेंद्र जैन, आशीष जैन, अशोक जैन मौजूद रहे। वहीं चंद्रोदय तीर्थ, गुदरी जैन मंदिर, सिविल लाइंस स्थित चंद्रप्रभु जिनालय, कटरा जैन मंदिर में भी धार्मिक आयोजन हुए।
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