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बड़ी पाइप लाइन डालेगी इस्राइल की कंपनी

Thu, 28 Mar 2019 12:57 AM IST
देवेंद्र कुमार अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: देवेंद्र कुमार Updated Thu, 28 Mar 2019 12:57 AM IST
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bdi paip line dalegi esraiyl ki compny
water news in jhansi - फोटो : demo
पेयजल महायोजना के अंतर्गत दूसरे चरण का काम इस्राइल की कंपनी पूरा करेगी। जलनिगम की राज्य स्तरीय वित्तीय समिति ने कंपनी के टेंडर को स्वीकृति प्रदान कर दी है। जल निगम ने काम शुरू करने के लिए निर्वाचन आयोग से स्वीकृति मांगी है, ताकि आचार संहिता खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़े।
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पेयजल महायोजना का काम धरातल पर शुरू हो गया है। पहले चरण में महानगर के 13 जोन में टंकी और पाइप लाइन डालने काम होना है। यह काम पिछले साल शुरू हो गया था। पहले चरण के काम के लिए 219 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं, जिसमें अभी तक 36 करोड़ रुपये मिल चुके हैं।
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दूसरे चरण में माताटीला बांध से झांसी तक उच्च क्षमता की पाइप लाइनों से पानी लाया जाना है। इस चरण के काम को 600.42 करोड़ में पूरा होना है, जिसमें अभी तक 85 करोड़ रुपये जलनिगम को मिल चुके हैं। दूसरे चरण के  काम के लिए इस्राइल की तहल, इंडियन ह्यूम पाइप और हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग कंपनियों ने टेंडर डाले थे। तकनीकी और वित्तीय बिड खुलने के बाद इस्राइल की कंपनी के टेंडर को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। कंपनी ने काम शुरू करने के लिए झांसी के एक ठेकेदार से अनुबंध भी कर लिया है। यदि काम की रफ्तार ठीक रही तो 2021 तक महायोजना धरातल पर काम करने लगेगी और महानगर वासियों को पीने के पानी की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
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‘इस्राइल की कंपनी आचार संहिता खत्म होने से पहले ही काम शुरू कर सके, इसके लिए निर्वाचन आयोग से स्वीकृति मांगी गई है।’
अमित कुमार, अधिशासी अभियंता जलनिगम।

पहले चरण में होने वाले काम
पहले चरण में महानगर के 13 जोन (कोछाभांवर, मेडिकल कॉलेज, करगुवां-गुमनावारा, तालपुरा, सिविल लाइन, मसीहागंज, आयुर्वेद कॉलेज, सिलवर्ट गंज प्रेमनगर, सिमरधा, भगवंतपुरा, नंदनपुरा, सिमराहा और सागर गेट) में काम होना है। इसमें कोछाभांवर, मेडिकल कॉलेज और करगुवां-गुमनावारा को बराठा बेसिन योजना से पानी दिया जाएगा। बराठा बेसिन योजना में स्थापित छह ट्यूबवेल को चालू करने के साथ ही दो नए ट्यूबवेल लगाए जा रहे हैं। बाकी दस जोन में माताटीला से आने वाली 110 एलएलडी क्षमता की पाइप लाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। आठ जगह सीडब्लूआर (भूमिगत जलाशय), 12 टंकियां और 224 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन डाली जाएगी।

दूसरे चरण में होने वाले काम
दूसरे चरण में शेष 16 जोन में पानी पहुंचाने के लिए माताटीला बांध से 195 एमएलडी क्षमता की पाइप लाइन से बबीना तक पानी लाया जाएगा। बबीना में बनने वाले नए जल शोधन संयंत्र से पानी को शुद्ध करने के बाद झांसी लाया जाएगा। माताटीला बांध पर एक सीपी टैंक, माताटीला से बबीना तक 24.50 किलोमीटर तक कच्चे पानी के लिए 1,700 मिलीमीटर व्यास की पाइप लाइन डालने के साथ ही जल शोधित पानी के लिए बबीना से झांसी तक 27.50 किलोमीटर की पाइप लाइन डाली जाएगी। 11 भूमिगत जलाशय (सीडब्लूआर), नौ टंकियां और 228 किलोमीटर क्षेत्र में पाइप लाइन डाली जाएगी।

कोछाभांवर को गर्मियों में नहीं मिल सकेगा पानी
झांसी। बराठा बेसिन पेयजल योजना से गर्मियों में कोछाभांवर क्षेत्र को ही पानी मिलना मुश्किल लग रहा है। दरअसल, अभी तक कोछाभांवर में साठ फीसदी क्षेत्र में पाइप लाइन डालने का काम पूरा हो सका है। साथ ही बराठा में ट्यूबवेल दुरुस्त करने का काम भी पूरा नहीं हो सका है।

पेयजल महायोजना के अंतर्गत माताटीला से झांसी तक नई पाइप लाइन से पानी लाने में कम से कम तीन से चार साल लग जाएंगे। चूंकि, गर्मियों में मेडिकल कॉलेज के आसपास क्षेत्र में स्थित गुमनावारा, शिवाजी नगर, वीरांगना नगर, करगुवां, पिछोर, महाराणा प्रताप नगर, डॉक्टर्स, वकील कॉलोनी, कैमासन नगर, कोछाभांवर आदि में भीषण जलसंकट रहता है। इन क्षेत्रों में न तो कोई सरकारी पाइप लाइन है और न कोई दूसरा इंतजाम। अधिकांश घरों की बोरिंग सूख चुकी हैं। हैंडपंप भी अधिक देर तक चलाने पर पानी उगलना बंद कर देते हैं। जलसंस्थान के टैंकरों के भरोसे लोग एक- एक दिन काटने को मजबूर रहते हैं।

उक्त क्षेत्रों को गर्मियों तक पानी मिल सके, इसके लिए जलनिगम महायोजना के बजट से ही बंद पड़ी बराठा बेसिन पेयजल योजना को चालू कर रहा है। 2800 मीटर क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को बदल लिया गया है। इस योजना के तहत बड़ागांव क्षेत्र के बराठा के नजदीक लगे छह पुराने और दो नए ट्यूबवेलों की मदद से करीब छह एमएलडी (साठ लाख लीटर) पानी प्रतिदिन मिल सकेगा।


 मगर, जलनिगम ने तय किया था कि वह अप्रैल तक बराठा बेसिन से पहले कोछाभांवर को पानी दे देगा। लेकिन पाइप लाइन डालने और ट्यूबवेल दुरुस्त करने का काम पूरा न होने से यह संभव दिखाई नहीं दे रहा है। हालांकि, इस मामले में जलनिगम के अधिशासी अभियंता अमित कुमार का कहना है कि वह मई के आखिर तक कोछाभांवर को पानी देना शुरू कर देंगे।
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