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बच कर रहना... सड़कों पर सांड़ों का आतंक
amarujala
Updated Wed, 11 Jul 2018 01:55 AM IST
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awara sand, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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मंगलवार को नंदनपुरा स्थित भारत माता रोड पर दोपहर के वक्त तीन सांड़ों ने बीच सड़क पर जमकर उत्पात मचाया। दोनों की लड़ाई में तीन वाहन और एक दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। राहगीरों ने भी रास्ता बदल दिया। आसपास के लोगों ने लाठी डंडों के बल पर सांड़ों को खदेड़ने का प्रयास किया। सांड़ उन पर हमला करने के लिए पलटे जिसमें वह लोग बाल-बाल बच गए।
दोपहर 12 बजे के आसपास भारत माता मंदिर रोड पर साड़ों का एक झुंड दौड़ता हुआ सड़क पर आ गया। वे आपस में लड़ने लगे। कुछ सांड़ों को आसपास के लोगों ने खदेड़ दिया पर तीन अड़े रहे। इस कारण एक स्कूटर, दो बाइक और एक फोटोस्टेट की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। दुकान के अंदर मौजूद ग्राहक और संचालक मोहसिन डर के कारण दुकान छोड़कर बाहर आ गए। इधर, राहगीरों ने तीनों के आतंक को देख रास्ता बदलने में ही भलाई समझी। काफी क्षति होने के बाद लोगों ने हिम्मत जुटाकर लाठी-डंडों के बल पर उन्हें खदड़ने का प्रयास किया तो तीनों पलटकर उन पर हमला करने के लिए दौड़े पर शुक्र रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ।
बता दें कि कुछ माह पूर्व गुसाईंपुरा निवासी एक पूर्व क्रिकेटर सांड़ों का शिकार हुए थे, जिसमें उनकी जान चली गई। इसके अलावा कई और घटनाएं हैं, जिसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। उसके बाद भी नगर निगम अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहा है। समय-समय पर खानापूर्ति के लिए अभियान चलाकर धर पकड़ करते हैं और महीनों तक शांत रहते हैं।
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एक कैटल कैचर के भरोसे जिला
नगर निगम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। एक कैटल कैचर और 10 सदस्यों का स्टाफ जो आवश्कता पड़ने पर ही उपलब्ध हो पाते हैं। इन्हीं के भरोसे पूरा जनपद है। जब तक स्थायी टीम और वाहनों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा।
चल रही है धरपकड़
आवारा जानवरों को पकड़ा जा रहा है। नंदनपुरा से कुछ दिन पहले ही हमलावर सांडों को पकड़वाकर बेतवा पार छुड़वाया गया है। अभियान लगातार चल रहा है। सड़कों पर छोड़े गए दुधारू पशुओं को पकड़ कर चालान काटा जा रहा है।
डॉ. आरके निरंजन, वेटनरी आफिसर
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दोपहर 12 बजे के आसपास भारत माता मंदिर रोड पर साड़ों का एक झुंड दौड़ता हुआ सड़क पर आ गया। वे आपस में लड़ने लगे। कुछ सांड़ों को आसपास के लोगों ने खदेड़ दिया पर तीन अड़े रहे। इस कारण एक स्कूटर, दो बाइक और एक फोटोस्टेट की दुकान क्षतिग्रस्त हो गई। दुकान के अंदर मौजूद ग्राहक और संचालक मोहसिन डर के कारण दुकान छोड़कर बाहर आ गए। इधर, राहगीरों ने तीनों के आतंक को देख रास्ता बदलने में ही भलाई समझी। काफी क्षति होने के बाद लोगों ने हिम्मत जुटाकर लाठी-डंडों के बल पर उन्हें खदड़ने का प्रयास किया तो तीनों पलटकर उन पर हमला करने के लिए दौड़े पर शुक्र रहा कि कोई हताहत नहीं हुआ।
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बता दें कि कुछ माह पूर्व गुसाईंपुरा निवासी एक पूर्व क्रिकेटर सांड़ों का शिकार हुए थे, जिसमें उनकी जान चली गई। इसके अलावा कई और घटनाएं हैं, जिसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। उसके बाद भी नगर निगम अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहा है। समय-समय पर खानापूर्ति के लिए अभियान चलाकर धर पकड़ करते हैं और महीनों तक शांत रहते हैं।
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एक कैटल कैचर के भरोसे जिला
नगर निगम के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। एक कैटल कैचर और 10 सदस्यों का स्टाफ जो आवश्कता पड़ने पर ही उपलब्ध हो पाते हैं। इन्हीं के भरोसे पूरा जनपद है। जब तक स्थायी टीम और वाहनों की संख्या नहीं बढ़ाई जाती तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा।
चल रही है धरपकड़
आवारा जानवरों को पकड़ा जा रहा है। नंदनपुरा से कुछ दिन पहले ही हमलावर सांडों को पकड़वाकर बेतवा पार छुड़वाया गया है। अभियान लगातार चल रहा है। सड़कों पर छोड़े गए दुधारू पशुओं को पकड़ कर चालान काटा जा रहा है।
डॉ. आरके निरंजन, वेटनरी आफिसर