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बेअसर रहा बंद, बंदी दिवस होने पर भी खुली रहीं दुकानें
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झांसी। किसान आंदोलन के समर्थन में भाजपा के विपक्षी दलों व किसान संगठनों द्वारा किया गया मंगलवार को भारत बंद का आह्वान महानगर में बेअसर साबित हुआ। स्थिति ये रही कि मंगलवार को साप्ताहिक बंदी दिवस होने के बाद भी बाजारों में तमाम दुकानें खुली रहीं। बस, ऑटो का भी सुचारु संचालन होता रहा। कांग्रेस, बसपा, आप व अन्य दलों ने प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। इस दौरान पुलिस अलर्ट रही।
कृषि कानून के विरोध में सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसे सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी व अन्य संगठनों की पूरी तैयारियां थीं। लेकिन, ये सभी विपक्षी दल अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। कारोबारियों ने बंद के आह्वान को नकार दिया। स्थिति ये रही कि बड़ाबाजार, मानिक चौक में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी दिवस के बाद भी कई दुकानें खुली नजर आईं।
बंदी दिवस के चलते सदर बाजार, सराफा बाजार बंद रहे। सीपरी बाजार में बंदी दिवस सोमवार को होता है, ऐसे में यहां मंगलवार को बंद के आह्वान के बीच कारोबार रोजाना की तरह संचालित होता रहा। वहीं, कांग्रेस, बसपा व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के जरिए अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार उसे कुचलना चाहती है।
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इस दरम्यान पुलिस पुलिस - प्रशासन सतर्क रहा। पुलिस अधिकारी अपनी टीमों के साथ चौराहों व बाजारों का लगातार जायजा लेते रहे। आंदोलन कर रहे लोगों को चेतावनी दी गई कि प्रतिष्ठान बंद कराने में किसी तरह की जबरदस्ती करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कृषि कानून के विरोध में सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध के बीच मंगलवार को भारत बंद का आह्वान किया गया था। इसे सफल बनाने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी व अन्य संगठनों की पूरी तैयारियां थीं। लेकिन, ये सभी विपक्षी दल अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए। कारोबारियों ने बंद के आह्वान को नकार दिया। स्थिति ये रही कि बड़ाबाजार, मानिक चौक में मंगलवार को साप्ताहिक बंदी दिवस के बाद भी कई दुकानें खुली नजर आईं।
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बंदी दिवस के चलते सदर बाजार, सराफा बाजार बंद रहे। सीपरी बाजार में बंदी दिवस सोमवार को होता है, ऐसे में यहां मंगलवार को बंद के आह्वान के बीच कारोबार रोजाना की तरह संचालित होता रहा। वहीं, कांग्रेस, बसपा व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के जरिए अपने हक की लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन सरकार उसे कुचलना चाहती है।
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इस दरम्यान पुलिस पुलिस - प्रशासन सतर्क रहा। पुलिस अधिकारी अपनी टीमों के साथ चौराहों व बाजारों का लगातार जायजा लेते रहे। आंदोलन कर रहे लोगों को चेतावनी दी गई कि प्रतिष्ठान बंद कराने में किसी तरह की जबरदस्ती करने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।