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बालू की आपूर्ति बंद, दाम आसमान पर
jhansi
Updated Sun, 29 Jan 2017 01:00 AM IST
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बालू
- फोटो : demo pic
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बालू की आपूर्ति ठप होने से कीमतें आसमान छूने लगी हैं। आचार संहिता के बाद प्रशासन की सख्ती और सीबीआई टीम के छापे की भनक से खनन नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि करीब एक सप्ताह से बाजार में बालू नहीं आ रही है। जमाखोरों ने इसका फायदा उठाकर बालू के दाम 500 से 800 रुपये प्रति ट्रॉली बढ़ा दिए हैं। ऐसे में निर्माण करा रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
मिशन कंपाउंड निवासी बालू विक्रेता आशीष गुप्ता ने बताया कि आचार संहिता के बाद से सख्ती बढ़ गई है। इस कारण बालू शहर में नहीं आ रही है और इसका खनन भी रोक दिया गया है। ज्यादा स्टॉक रख नहीं सकते हैं। जो कुछ रखी थी वह बिक गई। अब ग्राहक आते हैं तो मना कर देते हैं। थापक बाग में ट्रेडर्स व्यापारी आशीष ने बताया कि स्टॉक में कुछ बालू रखी है वही बेच रहे हैं। कीमत तो कम ही बढ़ाई है। जब बालू आ ही नहीं रही है तो रेट कैसे बढ़ेंगे। जिन लोगों ने स्टॉक करके रखी है वही औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। हम लोग तो निर्माण के लिए उपयोगी सीमेंट, सरिया का भी काम करते हैं। इस कारण कोई समस्या नहीं है। जो लोग सिर्फ बालू का ही व्यापार करते हैं उन लोगों ने प्रति ट्रॉली की कीमत पांच सौ से आठ सौ रुपये बढ़ा दी है। कुछ दिन पहले तक एक ट्रॉली बालू के दाम 2200 से 2500 रुपये थे। सामान्य दिनों में मेरी दुकान से प्रतिदिन लगभग छह ट्रॉली बालू बिकती थी, लेकिन अब खरीदार आ रहे हैं तो उन्हें दे ही नहीं पा रहे हैं। अचानक दाम ऊं चे होने से निर्माण करा रहे लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
मुश्किल से मिल रही बालू
पंचवटी मोहल्ले में घर बनवा रहा हूं। आचार संहिता लगने से पहले तो बालू आसानी से मिल जाती थी और कीमत भी कम थी। लेकिन अब आठ सौ रुपये प्रति ट्रॉली अधिक देनी पड़ रही है और बहुत ढूंढने के बाद बालू दुकानों पर मिल रही है।
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- कृष्णकांत अग्रवाल, पंचवटी
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मिशन कंपाउंड निवासी बालू विक्रेता आशीष गुप्ता ने बताया कि आचार संहिता के बाद से सख्ती बढ़ गई है। इस कारण बालू शहर में नहीं आ रही है और इसका खनन भी रोक दिया गया है। ज्यादा स्टॉक रख नहीं सकते हैं। जो कुछ रखी थी वह बिक गई। अब ग्राहक आते हैं तो मना कर देते हैं। थापक बाग में ट्रेडर्स व्यापारी आशीष ने बताया कि स्टॉक में कुछ बालू रखी है वही बेच रहे हैं। कीमत तो कम ही बढ़ाई है। जब बालू आ ही नहीं रही है तो रेट कैसे बढ़ेंगे। जिन लोगों ने स्टॉक करके रखी है वही औने-पौने दामों पर बेच रहे हैं। हम लोग तो निर्माण के लिए उपयोगी सीमेंट, सरिया का भी काम करते हैं। इस कारण कोई समस्या नहीं है। जो लोग सिर्फ बालू का ही व्यापार करते हैं उन लोगों ने प्रति ट्रॉली की कीमत पांच सौ से आठ सौ रुपये बढ़ा दी है। कुछ दिन पहले तक एक ट्रॉली बालू के दाम 2200 से 2500 रुपये थे। सामान्य दिनों में मेरी दुकान से प्रतिदिन लगभग छह ट्रॉली बालू बिकती थी, लेकिन अब खरीदार आ रहे हैं तो उन्हें दे ही नहीं पा रहे हैं। अचानक दाम ऊं चे होने से निर्माण करा रहे लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है।
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मुश्किल से मिल रही बालू
पंचवटी मोहल्ले में घर बनवा रहा हूं। आचार संहिता लगने से पहले तो बालू आसानी से मिल जाती थी और कीमत भी कम थी। लेकिन अब आठ सौ रुपये प्रति ट्रॉली अधिक देनी पड़ रही है और बहुत ढूंढने के बाद बालू दुकानों पर मिल रही है।
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- कृष्णकांत अग्रवाल, पंचवटी