फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Babina women are running online business of Chiteri art

Jhansi News: बबीना की महिलाएं चला रही हैं चितेरी कला का ऑनलाइन कारोबार

Sat, 27 Jun 2026 02:35 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Updated Sat, 27 Jun 2026 02:35 AM IST
विज्ञापन
Babina women are running online business of Chiteri art
झांसी। बुंदेलखंड की 600 साल पुरानी पारंपरिक चितेरी कला अब देश-विदेश के बाजारों में छा रही है। बड़ी ऑनलाइन कंपनियों पर अब इस कला की सुंदर कृतियां आसानी से उपलब्ध होंगी। चितेरी कला अब केवल सजावट का माध्यम नहीं रह गई है बल्कि महिलाओं की आजीविका का सशक्त जरिया बन गई हैं।
विज्ञापन

यह सफलता ब्लाॅक बबीना की दुर्गापुरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की मेहनत का नतीजा है। समूह से जुड़ी प्रतिभा डोंगरे ने चितेरी कला को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने आसपास के जिलों और प्रदेश में कला को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराया। इससे इसकी बिक्री में तेजी आई है। प्रतिभा ने बताया कि जूट के बैग, घर की सजावट का सामान (होम डेकोर), मोमेंटो, पटका, स्टॉल और महिलाओं के हैंडबैग पर चितेरी कला उकेरी जाती है। यह उत्पाद न सिर्फ सुंदर हैं बल्कि पारंपरिक कला का महत्व भी बढ़ाते हैं। इन उत्पादों का बुंदेलखंड के स्थानीय बाजारों में इन उत्पादों की अच्छी मांग है।
विज्ञापन

इसके अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी यह उत्पाद पहुंच रहे हैं। विदेश में ऑस्ट्रेलिया तक सप्लाई हो रही है। जिले में आने वाले वीवीआईपी अतिथियों का स्वागत इन्हीं स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बनाए गए मोमेंटो देकर और पटका पहनाकर किया जाता है। इससे कला की गरिमा और बढ़ गई है। इस सफलता से बुंदेलखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


25 महिलाओं को कारोबार से जोड़ा
प्रतिभा डोंगरे ने समूह की 25 महिलाओं को इस कार्य से जोड़ा है। महिलाएं नियमित रूप से चितेरी कला पर काम कर रही हैं। समूह की महिलाएं न सिर्फ उत्पाद बना रही हैं बल्कि आसपास की बालिकाओं को तीन महीने का सिलाई-कढ़ाई का कोर्स भी मुफ्त सिखा रही हैं। इससे लड़कियां आत्मनिर्भर बन रही हैं और परिवार की आय बढ़ाने में मदद कर रही हैं।

इस कारोबार से बुंदेलखंड की प्राचीन कला को संरक्षण मिलने के साथ-साथ स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी प्राप्त हो रहा है। शिक्षित और प्रशिक्षित होने के बाद यह महिलाएं अब स्वावलंबी जीवन जी रही हैं। अब हमारे उत्पाद स्थानीय बाजारों के साथ ऑनलाइन मार्केट पर भी उपलब्ध हैं। प्रतिभा डोंगरे, दुर्गा स्वयं सहायता समूह


प्रतिभा डोंगरे के द्वारा चितेरी कला को और निखारने के साथ ही बुंदेली कला कृतियों को देश-दुनियां तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इससे जिले का नाम रोशन हो रहा है। सुनील कुमार, डीसी, एनआरएलएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed