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बाप रे बाप- झांसी वालों की इतनी शिकायतें...182 दिन में 55 हजार
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झांसी। समस्याओं का अंबार है। आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज होने वाली शिकायतों को देखकर लगता है कि स्थानीय स्तर पर सुनवाई बंद है। तभी लोग अपनी समस्या के समाधान के लिए जगह-जगह गुहार लगा रहे हैं। अगर पिछले 182 दिनों का रिकार्ड पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि 55 हजार लोगों ने अपनी समस्याएं रखी हैं। इनमें सर्वाधिक 11 हजार शिकायतें पानी से जुड़ी रहीं। इसके अलावा अन्य विभागों की भी खूब शिकायतें आईं।
शासन और प्रशासन के तमाम दावे और वादों के बीच लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मजबूरी में लोग आईजीआरएस पोर्टल का सहारा लेते हैं। पिछले छह माह में जिले के अलग-अलग हिस्सों के 55 हजार लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल का दरवाजा खटखटाया। इसमें पानी से जुड़ी समस्याओं की भरमार रही। पिछले रबी सीजन में गांवों से आने वाली शिकायतों में लोगों ने सिंचाई के लिए पानी मांगा तो अब पिछले एक माह से पेयजल की व्यवस्था के लिए लोग आईजीआरएस का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा गंदगी, स्ट्रीट लाइट, पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने, जमीन पर अवैध कब्जा होने, राशन कार्ड बनवाने, नाली-सड़क का निर्माण कराने संबंधी भी शिकायतें भी खूब आईं। प्रशासन का दावा है कि 55 हजार शिकायतों में से 54 हजार का निस्तारण किया जा चुका है। शेष एक हजार शिकायतों के निस्तारण के दिशा में भी कार्यवाही जारी है।
केस - 1
तीन दिन सफाई, फिर बदहाली छाई
झांसी। पंचवटी निवासी कृष्णकांत अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मुहल्ले में सफाई न होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद तीन दिन तक को क्षेत्र में खूब सफाई की गई। लेकिन, इसके बाद सफाई कमियों ने आना बंद कर दिया।
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केस - 2
एक माह बाद भी नहीं हुआ समाधान
झांसी। नई बस्ती निवासी मनीष ने बताया कि पिछले कई महीनों से नल में गंदा पानी आ रहा है। जल संस्थान से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। एक माह पहले आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।
केस - 3
तय समय पर ही चलाई गई नहर
झांसी। गरौठा के अस्ता निवासी पंकज प्रकाश ने रबी की सिंचाई के लिए नहर चलाने की मांग की थी। फोन पर उसे बताया गया कि नहर का संचालन रोस्टर के अनुसार ही किया जाएगा। बाद में तय समय पर नहर का संचालन किया गया।
केस - 4
अभी भी नहीं बना राशन कार्ड
झांसी। बड़ागांव निवासी पंकज ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। न बनने पर आईजीआरएस पोर्टल का सहारा लिया। उसे बताया गया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही राशन कार्ड बनेगा। अभी तक उनका कार्ड नहीं बन पाया है।
ऐसे दर्ज कर शिकायत
झांसी। प्ले स्टोर पर जाकर आईजीआरएस मोबाइल एप स्टोर कर लें। ओटीपी के जरिये इसका सत्यापन होगा। इसके बाद जनसुनवाई पर जाकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0510 2371100 /2371199 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से संबंधित विभागों के जरिये निस्तारण कराया जा रहा है। पीड़ितों से सीधा संवाद भी किया जाता है। बार-बार शिकायत आने पर अधिकारियों को मौके पर जाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित शिकायतों के निस्तारण की दिशा में भी कार्यवाही जारी है।
- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी /प्रभारी - आईजीआरएस
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शासन और प्रशासन के तमाम दावे और वादों के बीच लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मजबूरी में लोग आईजीआरएस पोर्टल का सहारा लेते हैं। पिछले छह माह में जिले के अलग-अलग हिस्सों के 55 हजार लोगों ने आईजीआरएस पोर्टल का दरवाजा खटखटाया। इसमें पानी से जुड़ी समस्याओं की भरमार रही। पिछले रबी सीजन में गांवों से आने वाली शिकायतों में लोगों ने सिंचाई के लिए पानी मांगा तो अब पिछले एक माह से पेयजल की व्यवस्था के लिए लोग आईजीआरएस का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा गंदगी, स्ट्रीट लाइट, पुलिस द्वारा सुनवाई न किए जाने, जमीन पर अवैध कब्जा होने, राशन कार्ड बनवाने, नाली-सड़क का निर्माण कराने संबंधी भी शिकायतें भी खूब आईं। प्रशासन का दावा है कि 55 हजार शिकायतों में से 54 हजार का निस्तारण किया जा चुका है। शेष एक हजार शिकायतों के निस्तारण के दिशा में भी कार्यवाही जारी है।
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केस - 1
तीन दिन सफाई, फिर बदहाली छाई
झांसी। पंचवटी निवासी कृष्णकांत अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मुहल्ले में सफाई न होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद तीन दिन तक को क्षेत्र में खूब सफाई की गई। लेकिन, इसके बाद सफाई कमियों ने आना बंद कर दिया।
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केस - 2
एक माह बाद भी नहीं हुआ समाधान
झांसी। नई बस्ती निवासी मनीष ने बताया कि पिछले कई महीनों से नल में गंदा पानी आ रहा है। जल संस्थान से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। एक माह पहले आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।
केस - 3
तय समय पर ही चलाई गई नहर
झांसी। गरौठा के अस्ता निवासी पंकज प्रकाश ने रबी की सिंचाई के लिए नहर चलाने की मांग की थी। फोन पर उसे बताया गया कि नहर का संचालन रोस्टर के अनुसार ही किया जाएगा। बाद में तय समय पर नहर का संचालन किया गया।
केस - 4
अभी भी नहीं बना राशन कार्ड
झांसी। बड़ागांव निवासी पंकज ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था। न बनने पर आईजीआरएस पोर्टल का सहारा लिया। उसे बताया गया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद ही राशन कार्ड बनेगा। अभी तक उनका कार्ड नहीं बन पाया है।
ऐसे दर्ज कर शिकायत
झांसी। प्ले स्टोर पर जाकर आईजीआरएस मोबाइल एप स्टोर कर लें। ओटीपी के जरिये इसका सत्यापन होगा। इसके बाद जनसुनवाई पर जाकर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0510 2371100 /2371199 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण ढंग से संबंधित विभागों के जरिये निस्तारण कराया जा रहा है। पीड़ितों से सीधा संवाद भी किया जाता है। बार-बार शिकायत आने पर अधिकारियों को मौके पर जाकर निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित शिकायतों के निस्तारण की दिशा में भी कार्यवाही जारी है।
- संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी /प्रभारी - आईजीआरएस