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आयुष्मान का वरदान: सालों से थे परेशान, हफ्तों में हो गया दिल, किडनी का इलाज
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झांसी। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना गरीबों के इलाज में काफी मददगार साबित हो रही है। पांच सालों से दिल और ढाई दशक से किडनी में स्टोन से पीड़ित रोगियों को हफ्तों में बीमारी का इलाज मिल गया। डॉक्टरों ने नि:शुल्क सर्जरी कर मरीजों को स्वस्थ कर दिया।
झांसी के ओमप्रकाश पेशे से मिस्त्री हैं। पिछले पांच साल से वह ह्रदय की बीमारी से ग्रसित थे। बेटे दीपक के मुताबिक दवाएं काफी महंगी आने के चलते उन्हें खरीदने में दिक्कत हो रही थी। इसी बीच उन्हें पता चला कि उनका नाम आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड की सूची में उनका नाम है तो तुरंत नगरा के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर कार्ड बनवा लिया। इसके बाद से उनका इलाज नि:शुल्क चल रहा था। हाल ही में डॉक्टरों ने सर्जरी करने की बात कही तो वह चिंता में पड़ गए कि पैसे कहा से आएंगे। इस पर डॉक्टर ने ही कह दिया कि गोल्डन कार्ड से एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त है। पिता की सर्जरी भी नि:शुल्क हो गई। इसी तरह, जालौन के रामनगर निवासी मोतीलाल वर्मा (65) को 24 सालों से किडनी में पथरी की समस्या थी। उरई के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। कुछ समय पहले जांच कराने पर उन्हें पता चला कि पथरी 23 मिलमीटर की हो गई है। डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन कराने की बात कही। जब उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी हुई तो सूची में नाम दिखवाया। नाम दर्ज होने पर गोल्डन कार्ड बनवा लिया। कार्ड के जरिए प्राइवेट हॉस्पिटल में नि:शुल्क सर्जरी करा ली। डिस्चार्ज होने पर दवाएं भी नि:शुल्क मिलीं।
ऐसे जानें अपनी पात्रता
www.mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपना नाम सूची में है या नहीं देख सकते हैं। इसके अलावा जिनके पास प्रधानमंत्री का पत्र पहुंचा हो वो 14555/1800111565 टोल फ्री नंबर पर फोन करके या फिर जनसेवा केंद्र या सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर योजना के पात्र हैं या नहीं, इसका पता लगा सकते हैं।
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आयुष्मान गोल्डन कार्ड के अंतर्गत 1559 प्रकार के मेडिकल पैकेजों की सुविधा है। इसमें सर्जरी, डे केयर, दवाओं व जांच का खर्च आदि शामिल है। अब अंत्योदय कार्ड धारक भी अपना कार्ड जनसेवा केंद्र या पीएचसी से बनवा सकते हैं। झांसी में अब तक 1.94 लाख कार्ड बन चुके हैं। 33 निजी अस्पताल भी पंजीकृत हैं। - डॉ. सुमित मिसुरिया, नोडल अधिकारी।
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झांसी के ओमप्रकाश पेशे से मिस्त्री हैं। पिछले पांच साल से वह ह्रदय की बीमारी से ग्रसित थे। बेटे दीपक के मुताबिक दवाएं काफी महंगी आने के चलते उन्हें खरीदने में दिक्कत हो रही थी। इसी बीच उन्हें पता चला कि उनका नाम आयुष्मान भारत योजना के गोल्डन कार्ड की सूची में उनका नाम है तो तुरंत नगरा के स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर कार्ड बनवा लिया। इसके बाद से उनका इलाज नि:शुल्क चल रहा था। हाल ही में डॉक्टरों ने सर्जरी करने की बात कही तो वह चिंता में पड़ गए कि पैसे कहा से आएंगे। इस पर डॉक्टर ने ही कह दिया कि गोल्डन कार्ड से एक साल में पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त है। पिता की सर्जरी भी नि:शुल्क हो गई। इसी तरह, जालौन के रामनगर निवासी मोतीलाल वर्मा (65) को 24 सालों से किडनी में पथरी की समस्या थी। उरई के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। कुछ समय पहले जांच कराने पर उन्हें पता चला कि पथरी 23 मिलमीटर की हो गई है। डॉक्टर ने तुरंत ऑपरेशन कराने की बात कही। जब उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी हुई तो सूची में नाम दिखवाया। नाम दर्ज होने पर गोल्डन कार्ड बनवा लिया। कार्ड के जरिए प्राइवेट हॉस्पिटल में नि:शुल्क सर्जरी करा ली। डिस्चार्ज होने पर दवाएं भी नि:शुल्क मिलीं।
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ऐसे जानें अपनी पात्रता
www.mera.pmjay.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपना नाम सूची में है या नहीं देख सकते हैं। इसके अलावा जिनके पास प्रधानमंत्री का पत्र पहुंचा हो वो 14555/1800111565 टोल फ्री नंबर पर फोन करके या फिर जनसेवा केंद्र या सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर योजना के पात्र हैं या नहीं, इसका पता लगा सकते हैं।
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आयुष्मान गोल्डन कार्ड के अंतर्गत 1559 प्रकार के मेडिकल पैकेजों की सुविधा है। इसमें सर्जरी, डे केयर, दवाओं व जांच का खर्च आदि शामिल है। अब अंत्योदय कार्ड धारक भी अपना कार्ड जनसेवा केंद्र या पीएचसी से बनवा सकते हैं। झांसी में अब तक 1.94 लाख कार्ड बन चुके हैं। 33 निजी अस्पताल भी पंजीकृत हैं। - डॉ. सुमित मिसुरिया, नोडल अधिकारी।