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आयुर्वेदिक कालेज में भी दवाओं का टोटा, मांगे 20 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:54 PM IST
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medicin, jhansi news
- फोटो : amar ujala
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बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज प्रशासन ने शासन से औषधियों के लिए 20 लाख रुपये बजट की मांग की है। चिकित्सालय में औषधियों की कमी हो गई है।
आयुर्वेदिक कॉलेज में रोजाना सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी होती है। इसके अलावा परिसर में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इलाज में औषधियों का उपयोग होता है। मौजूदा समय में चिकित्सालय में औषधियों की काफी कमी हो गई है। इससे ओपीडी में भी कई औषधियां मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। इसके मद्देनजर कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेश चंद्र्र ने शासन को पत्र लिखा है, जिसमें औषधियों के लिए बीस लाख रुपये बजट की मांग की है।
कर्मचारियों की भारी कमी
आयुर्वेदिक कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी भारी कमी बनी हुई है। कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 64 पद सृजित हैं, इनमें से सिर्फ 12 ही कार्यरत हैं। इससे संस्था की सफाई, मरीजों की देखभाल, समान के रखरखाव में परेशानी हो रही है।
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बुंदेलखंड राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज प्रशासन ने शासन से औषधियों के लिए 20 लाख रुपये बजट की मांग की है। चिकित्सालय में औषधियों की कमी हो गई है।
आयुर्वेदिक कॉलेज में रोजाना सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ओपीडी होती है। इसके अलावा परिसर में मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। इलाज में औषधियों का उपयोग होता है। मौजूदा समय में चिकित्सालय में औषधियों की काफी कमी हो गई है। इससे ओपीडी में भी कई औषधियां मरीजों को नहीं मिल पा रही हैं। इसके मद्देनजर कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुरेश चंद्र्र ने शासन को पत्र लिखा है, जिसमें औषधियों के लिए बीस लाख रुपये बजट की मांग की है।
कर्मचारियों की भारी कमी
आयुर्वेदिक कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भी भारी कमी बनी हुई है। कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 64 पद सृजित हैं, इनमें से सिर्फ 12 ही कार्यरत हैं। इससे संस्था की सफाई, मरीजों की देखभाल, समान के रखरखाव में परेशानी हो रही है।
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