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योग की तरह दुनिया में छाएगा आयुर्वेद: नाईक
ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2015 01:20 AM IST
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झांसी। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद नाईक ने कहा कि योग की तरह आयुर्वेद भी दुनिया में छा जाएगा। मोदी सरकार आयुर्वेद को विश्व विख्यात बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुष को पूर्ण मंत्रालय भी बना दिया है। उन्होंने वैद्यों का आह्वान किया कि वह कंपनियों से न खरीदकर स्वयं दवा बनाएं। श्रीपद नाईक बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित हाइटोथेराप्यूटिक्स: एफिकेसी, क्वालिटी एंड सेफ्टी विषयक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय शोध को लेकर प्रगतिशील है। ऐसे नव प्रवर्तन केंद्रों की मदद से शोध के जरिए देश को एक दिन आयुर्वेद में नोबेल पुरस्कार हासिल करने का गौरव प्राप्त होगा। पीएम ने जिस तरह योग को विश्व में प्रचारित, प्रसारित किया, उसी तरह आयुर्वेद भी छाएगा। कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप का प्रबंधन आयुर्वेद से हो सकता है। उन्होंने बीयू से संबद्ध आयुर्वेद महाविद्यालय खासकर बुंदेलखंड आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। वीसी ने कहा कि मौजूदा समय में मृत शरीर न मिल पाने से शोध कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वर्चुअल क्लासेस का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को शोध कार्य हेतु प्रेरित किया जा सकता है। ै।
आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रो. जीपी दुबे ने आयुर्वेद के क्षेत्र में चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जर्मन कंपनी देश में निवेश करना चाहती है। केंद्रीय राज्यमंत्री से वह 29 अक्तूबर को दिल्ली में मुलाकात करेगी। उन्होंने सरकार व विशेषज्ञों से मदद की मांग करते हुए सन 2019 तक विदेशी कंपनियों के जरिए देश में पांच बिलियन डॉलर का निवेश करवाने का वादा किया। बैद्यनाथ समूह के एम़डी अनुराग शर्मा ने मंत्री से झांसी में केंद्रीय आयुष विश्वविद्यालय खुलवाने की मांग की। इसके लिए उन्होंने स्वयं भूमि व संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही विश्व योगा दिवस की तर्ज पर विश्व आयुर्वेद दिवस मनाने की भी मांग की।
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वहीं, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सिद्धा (सीसीआरएस) के महानिदेशक प्रो. करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में अगर कोई रिसर्च डिग्री शुरू करना चाहते हैं, तो सीसीआरएस इसके लिए फेलोशिप प्रोग्राम चालू करने जा रहा है। अगर झांसी के किसी शोधार्थी से इसकी शुरूआत हो तो बहुत अच्छा रहेगा।
इस दौरान पूर्व सांसद पं विश्वनाथ शर्मा, नगर विधायक रवि शर्मा, संजीव श्रृंगीऋषि, प्रति कुलपति प्रो. पंकज अत्रि, कुलसचिव पीएन प्रसाद, डॉ. सरिता पांडेय, प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. एके सक्सेना, ई. राहुल शुक्ला, डॉ. धीरेंद्र यादव, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. प्रदीप यादव, सहायक कुलसचिव बाबूलाल अहिरवार, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. राजीव बबेले, डॉ. उपेंद्र तोमर, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. संतोष पांडेय डॉ. सौरभ श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संचालन प्रो. अपर्णा राज व आभार डॉ. रामवीर सिंह ने जताया।
इससे पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने इनोवेशन सेंटर के ठीक बगल में पशु अनुसंधान कार्यशाला का शिलान्यास किया। वहीं, एक बैठक के दौरान वैज्ञानिकों व बैद्यनाथ समूह की ओर से प्रजेंटेशन दी गई।
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केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय शोध को लेकर प्रगतिशील है। ऐसे नव प्रवर्तन केंद्रों की मदद से शोध के जरिए देश को एक दिन आयुर्वेद में नोबेल पुरस्कार हासिल करने का गौरव प्राप्त होगा। पीएम ने जिस तरह योग को विश्व में प्रचारित, प्रसारित किया, उसी तरह आयुर्वेद भी छाएगा। कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने कहा कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप का प्रबंधन आयुर्वेद से हो सकता है। उन्होंने बीयू से संबद्ध आयुर्वेद महाविद्यालय खासकर बुंदेलखंड आयुर्वेदिक कॉलेज झांसी की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई। वीसी ने कहा कि मौजूदा समय में मृत शरीर न मिल पाने से शोध कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में वर्चुअल क्लासेस का इस्तेमाल कर छात्र-छात्राओं को शोध कार्य हेतु प्रेरित किया जा सकता है। ै।
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आयुर्वेद विशेषज्ञ प्रो. जीपी दुबे ने आयुर्वेद के क्षेत्र में चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जर्मन कंपनी देश में निवेश करना चाहती है। केंद्रीय राज्यमंत्री से वह 29 अक्तूबर को दिल्ली में मुलाकात करेगी। उन्होंने सरकार व विशेषज्ञों से मदद की मांग करते हुए सन 2019 तक विदेशी कंपनियों के जरिए देश में पांच बिलियन डॉलर का निवेश करवाने का वादा किया। बैद्यनाथ समूह के एम़डी अनुराग शर्मा ने मंत्री से झांसी में केंद्रीय आयुष विश्वविद्यालय खुलवाने की मांग की। इसके लिए उन्होंने स्वयं भूमि व संसाधन उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही विश्व योगा दिवस की तर्ज पर विश्व आयुर्वेद दिवस मनाने की भी मांग की।
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वहीं, सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन सिद्धा (सीसीआरएस) के महानिदेशक प्रो. करतार सिंह धीमान ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में अगर कोई रिसर्च डिग्री शुरू करना चाहते हैं, तो सीसीआरएस इसके लिए फेलोशिप प्रोग्राम चालू करने जा रहा है। अगर झांसी के किसी शोधार्थी से इसकी शुरूआत हो तो बहुत अच्छा रहेगा।
इस दौरान पूर्व सांसद पं विश्वनाथ शर्मा, नगर विधायक रवि शर्मा, संजीव श्रृंगीऋषि, प्रति कुलपति प्रो. पंकज अत्रि, कुलसचिव पीएन प्रसाद, डॉ. सरिता पांडेय, प्रो. एमएल मौर्या, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. एके सक्सेना, ई. राहुल शुक्ला, डॉ. धीरेंद्र यादव, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. प्रदीप यादव, सहायक कुलसचिव बाबूलाल अहिरवार, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. राजीव बबेले, डॉ. उपेंद्र तोमर, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. संतोष पांडेय डॉ. सौरभ श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संचालन प्रो. अपर्णा राज व आभार डॉ. रामवीर सिंह ने जताया।
इससे पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ने इनोवेशन सेंटर के ठीक बगल में पशु अनुसंधान कार्यशाला का शिलान्यास किया। वहीं, एक बैठक के दौरान वैज्ञानिकों व बैद्यनाथ समूह की ओर से प्रजेंटेशन दी गई।