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एबीवीपी में वरिष्ठ स्तर पर बदली गई जिम्मेदारी
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झांसी। इंदौर में हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की केंद्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई और वरिष्ठ स्तर पर दायित्व परिवर्तन भी किए गए। वहीं, कानपुर प्रांत के झांसी, हमीरपुर, चित्रकूट धाम, कानपुर, इटावा, उरई विभाग के सोलह जिलों में इस साल एक लाख से ज्यादा सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में प्रकाशन प्रशिक्षण प्रमुख रहे मनोजकांत को इतिहास संकलन समिति में जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह तय हुआ कि पूर्व में दिल्ली और उत्तर प्रदेश संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय अब मजदूर संघ, विश्व युवा संगठन का कार्य देख रहे नागराज रेड्डी संघ के आयाम विद्या भारती, ऑल इंडिया मेडिकल प्रमुख रामू संघ के आयाम सक्षम का कार्य देखेंगे। कानपुर प्रांत संगठन मंत्री कमल नयन ने बताया कि इस बार एबीवीपी की वार्षिक सदस्यता ऑनलाइन अभियान के जरिए होगी। इस वर्ष सदस्यता छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए निशुल्क रहेगी। एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने केंद्रीय बैठक में साल भर का कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि इस साल कोरोना के कारण बदली हुई परिस्थितियों में भी एबीवीपी के सदस्य संपूर्ण मनोयोग से सामाजिक सरोकार के कार्यों से जुड़े रहे। विस्थापित मजदूरों को भोजन उपलब्ध काना, मास्क वितरण, कोरोना से लोगों को जागरूक करना, कोरोना वॉरियर के रूप में कार्य करना, परिषद के कार्यकर्ता सदैव अपने दायित्व का निर्वहन करते रहे। वर्तमान में परिषद की पाठशाला के अंतर्गत गरीब और ऑनलाइन शिक्षा से वंचित छात्रों को निशुल्क शिक्ष मुहैया कराने में परिषद कार्यकर्ता जी जान से जुटे हैं।
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बैठक में प्रकाशन प्रशिक्षण प्रमुख रहे मनोजकांत को इतिहास संकलन समिति में जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह तय हुआ कि पूर्व में दिल्ली और उत्तर प्रदेश संपर्क प्रमुख सुनील वार्ष्णेय अब मजदूर संघ, विश्व युवा संगठन का कार्य देख रहे नागराज रेड्डी संघ के आयाम विद्या भारती, ऑल इंडिया मेडिकल प्रमुख रामू संघ के आयाम सक्षम का कार्य देखेंगे। कानपुर प्रांत संगठन मंत्री कमल नयन ने बताया कि इस बार एबीवीपी की वार्षिक सदस्यता ऑनलाइन अभियान के जरिए होगी। इस वर्ष सदस्यता छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए निशुल्क रहेगी। एबीवीपी की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने केंद्रीय बैठक में साल भर का कार्यवृत्त प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि इस साल कोरोना के कारण बदली हुई परिस्थितियों में भी एबीवीपी के सदस्य संपूर्ण मनोयोग से सामाजिक सरोकार के कार्यों से जुड़े रहे। विस्थापित मजदूरों को भोजन उपलब्ध काना, मास्क वितरण, कोरोना से लोगों को जागरूक करना, कोरोना वॉरियर के रूप में कार्य करना, परिषद के कार्यकर्ता सदैव अपने दायित्व का निर्वहन करते रहे। वर्तमान में परिषद की पाठशाला के अंतर्गत गरीब और ऑनलाइन शिक्षा से वंचित छात्रों को निशुल्क शिक्ष मुहैया कराने में परिषद कार्यकर्ता जी जान से जुटे हैं।
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