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अब सीएचसी, पीएचसी में मिलेंगी जरूरत की हर दवाएं

Sat, 03 Apr 2021 08:04 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 03 Apr 2021 08:04 PM IST
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av chc. phc me milengi jarurat ki har davaye
शासन ने पासबुक प्रणाली शुरू कर दी है। - फोटो : ???? ????
अब सीएचसी व पीएचसी में मिलेंगी जरूरत की हर दवाएं
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झांसी। अब सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य इकाइयों में जरूरत की दवाएं भरपूर मिलेंगी। शासन के निर्देश पर झांसी में पासबुक प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके लिए सीएचसी, पीएचसी को बजट का आवंटन किया गया है। दवाओं की सूची प्राप्त होने के बाद जनपद स्तर पर बने वेयर हाउस से दवाओं की उपलब्धता कराई जाएगी। शासन स्तर से भी इसकी निगरानी होगी। ऐसे में दवाओं के एक्सपायर होने और डॉक्टरों द्वारा बाहर से दवा लिखने की संभावना बहुत कम हो जाएगी।
प्रदेश सरकार की तरफ से उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन बनाया जा चुका है। इस कॉरपोरेशन से ही मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को दवाओं की सप्लाई की जा रही है। अब सीएचसी, पीएचसी समेत स्वास्थ्य इकाइयों में पासबुक प्रणाली लागू कर दी गई है। यह प्रणाली लागू करने की पीछे की मंशा पारदर्शिता को बढ़ना है। अब सीएचसी, पीएचसी व अन्य स्वास्थ्य इकाइयों को दवाओं के लिए बजट निर्धारित कर दिया गया है। बजट भी सीएचसी में आने वाले मरीजों के मद्देनजर तय हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य इकाइयों को इंडेन (दवाओं की सूची) बनाकर जनपदीय ड्रग वेयर हाउस को भेजना होगा। फिर मांग के अनुसार उन्हें दवाओं की सप्लाई होगी।
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ये होगा फायदा
पासबुक प्रणाली लागू होने के बाद अब सीएचसी, पीएचसी समेत स्वास्थ्य केंद्र खुद ही जरूरत के अनुसार दवाओं की सूची तैयार करेंगे। अभी तक कॉरपोरेशन से कभी कोई दवा ज्यादा तो कभी कम आ जाती थी। स्वास्थ्य इकाइयां जरूरत पर इंडेन भेजते रहेंगे। ऐसे में दवाएं एक्सपायरी नहीं हो पाएंगी। साथ ही, जिस मर्ज की ज्यादा दवाओं की आवश्यकता होगी, उसे भी मंगवा सकेंगे। यदि बजट होने के बावजूद दवाएं नहीं खरीदी जाती हैं तो भी शासन जवाब-तलब कर सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य इकाइयों पर ओपीडी बेहतर तरीके से संचालित होगी। वहीं, आगे बजट की समीक्षा भी की जा सकती है। फिर यह भी देखा जाएगा कि किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने बजट की जरूरत है। ऐसे में बजट को घटाया-बढ़ाया भी जा सकता है।
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