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अटके 100 बांधों का निर्माण शुरू

Wed, 28 Feb 2018 02:35 AM IST
amarujala
amarujala Updated Wed, 28 Feb 2018 02:35 AM IST
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atke 100  bando ka kam suru
dam, jhansi news - फोटो : demo
भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान में हुए उन्नत कृषि तकनीकी प्रदर्शनी एवं किसान सम्मेलन में केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि देश में 20-25 सालों से अटके 100 बांधों का निर्माण शुरू हो गया है। केंद्र सरकार ने इन बांधों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। वर्ष 2019 तक सभी बांध बनकर तैयार हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत हर जिले से सिंचाई प्लान मांगा गया है।
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मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता में किसानों की मदद करना है। इसीलिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की गई है। जिलों से मांगे गए प्लान में सिंचाई के स्रोतों और उनका उपयोग कैसे कर सकते हैं, इसकी जानकारी देनी होगी। प्रदेश सरकार सभी जिलों से प्रस्ताव एकत्र कर केंद्र सरकार को भेजेगी। इसके बाद केंद्र सरकार राज्य को फंड देगी। किसानों को सलाह दी कि कृषि अधिकारियों की सलाह के बिना फसलों की बुवाई न करें। भारतीय चारागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान, कृषि वानिकी संस्थान और कृषि विश्वविद्यालय का सप्ताह में एक बार चक्कर जरूर लगाएं। यहां से किसानों को उन्नत बीजों व नई-नई तकनीकी की जानकारियां मिलेंगी।
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महारानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के  मद्देनजर यूनिवर्सिटी लगातार शोध करके नई-नई किस्मों की खोज कर रहा है। उन्होंने सरसों की नई प्रजाति गिरिराज, मूंग की
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विराट व विशाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके इस्तेमाल के बाद किसानों को अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ। कुलपति ने बुंदेलखंड में आंवला, करौंदा, बेर, अंजीर समेत नई-नई फसलों की बुवाई करने पर भी जोर दिया। कृषि वानिकी निदेशक डॉ. आरके तिवारी ने कहा कि किसान खेत की मेड़ पर पेड़ जरूर लगाएं, ताकि पर्यावरण ठीक रहे, साथ ही टिकाऊ उपज मिल सके। आईजीएफआरआई निदेशक डॉ. आरवी कुमार ने स्वागत किया। इस दौरान वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी नीरज कुमार दुबे, डॉ. निशी राय मौजूद रहीं।


छात्रों के कृषि उत्पाद देखे
मंत्री रूपाला कृषि विश्वविद्यालय भी गए। यहां उन्होंने शिक्षकों से बातचीत की और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए कृषि उत्पादों को देखा। मंत्री ने कहा कि यह अच्छी बात है कि कुलपति ने पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थी से कृषि से संबंधित नए-नए प्रयोगों पर काम कराना भी शुरू कर दिया है।
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