फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   athletic track, bundelkhand univercity jhansi

बीयू में बनेगा एथलेटिक्स ट्रैक

Thu, 29 Oct 2015 01:05 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2015 01:05 AM IST
विज्ञापन
athletic track, bundelkhand univercity jhansi
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आठ लेन स्टैंडर्ड आईएएएफ अप्रूव्ड सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक बन सकता है। कुलपति ने भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर इसकी स्वीकृति मांगी है।
विज्ञापन

खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल को कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय ने लिखे पत्र में कहा है कि भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को उत्तर क्षेत्रीय अंतर विश्वविद्यालयीय महिला एवं पुरुष शतरंज प्रतियोगिता, उत्तर क्षेत्रीय अंतर विश्वविद्यालयीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के साथ-साथ मध्य क्षेत्रीय अंतर विश्वविद्यालयीय युवा महोत्सव की मेजबानी का जिम्मा सौंपा गया है।
विज्ञापन

प्रतियोगिताओं का भव्यता एवं पारदर्शिता के साथ आयोजन किया जाएगा। वीसी ने भारत सरकार की अरबन स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर योजना (यूएसआईएस) के अंतर्गत एथलेटिक्स ट्रैक निर्माण को मंत्रालय द्वारा हरी झंडी दिखाने की मांग करते हुए कहा है कि इससे बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में छात्र-छात्राओं का खेल के प्रति रुझान बढ़ेगा। वहीं, यहां के खिलाड़ी देश-विदेश में होने वाली प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उमा ने जताई थी इच्छा
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरोद्धार मंत्री और क्षेत्रीय सांसद उमा भारती ने जिला प्रशासन को झांसी में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मैदान की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए थे। प्रशासन द्वारा काफी समय से मैदान के लिए जमीन तलाशी जा रही थी। बाद में बीयू अधिकारियों ने मैदान निर्माण हेतु जमीन देने पर हामी भर दी। इसके बाद ट्रैक का प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय को भेजा गया।


दद्दा के नाम पर हो सकता ट्रैक
एथलेटिक्स ट्रैक को यदि खेल मंत्रालय अपनी स्वीकृति प्रदान कर देता है, तो यहां लांग जंप, हाई जंप, हैमर थ्रो, डिस्कस थ्रो आदि खेलों का आयोजन हो सकेगा। संभवत: ट्रैक का नामकरण दद्दा के नाम से प्रसिद्ध हाकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर किया जा सकता है। क्योंकि उमा भारती ने जो पत्र प्रशासन को लिखा है उसमें मेजर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि झांसी के कई बड़े खिलाड़ी हुए हैं इसके बावजूद यहां कोई अंतर्राष्ट्रीय मैदान नहीं है। हालांकि, अभी इस मामले में कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed