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Jhansi News: शब-ए-बरात पर मांगी गुनाहों की माफी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। मुस्लिम समाज ने गुरुवार को शब-ए-बरात पर्व मनाया। इस मौके पर महानगर के सभी कब्रिस्तानों में साफ-सफाई कर रंगरोगन किया गया। शाम को मुस्लिम समाज के लोग बस स्टैंड, जीवनशाह, ताज कंपाउंड, दतियागेट, फिल्टर रोड कब्रिस्तानों में अपने पूर्वजों की कब्र पर पहुंचे और उनके लिए दुआ मांगी।
वहीं, शाम को दतिया गेट बाहर फिल्टर वाली मस्जिद में जलसा हुआ। जलसे में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। इसमें आजमगढ़ के मौलाना शमीम कासमी ने तकरीर कर लोगों को भलाई के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भलाई का रास्ता ही इंसान को सुकून की जिंदगी दे सकता है। इसलिए हमेशा ऐसे रास्ते पर चलें जिससे दूसरों को दिक्कत न हो। साथ ही बिसाती बाजार, अलीगोल, मेवातीपुरा, इतवारी गंज आदि जगहों की मस्जिदों में विशेष नमाज पढ़ी गई। लोगों ने नमाज के बाद कुरआन की तिलावत की। दरगाहों में भी लोगों की भीड़ रही। सबसे ज्यादा भीड़ जीवनशाह वाले बाबा की दरगाह पर रही। इसके साथ ही रात में घरों में लोगों ने इबादत कर अपने गुनाहों की माफी मांगी और तड़के ही सहरी कर रोजा रखा।
झांसी। मुस्लिम समाज ने गुरुवार को शब-ए-बरात पर्व मनाया। इस मौके पर महानगर के सभी कब्रिस्तानों में साफ-सफाई कर रंगरोगन किया गया। शाम को मुस्लिम समाज के लोग बस स्टैंड, जीवनशाह, ताज कंपाउंड, दतियागेट, फिल्टर रोड कब्रिस्तानों में अपने पूर्वजों की कब्र पर पहुंचे और उनके लिए दुआ मांगी।
वहीं, शाम को दतिया गेट बाहर फिल्टर वाली मस्जिद में जलसा हुआ। जलसे में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। इसमें आजमगढ़ के मौलाना शमीम कासमी ने तकरीर कर लोगों को भलाई के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भलाई का रास्ता ही इंसान को सुकून की जिंदगी दे सकता है। इसलिए हमेशा ऐसे रास्ते पर चलें जिससे दूसरों को दिक्कत न हो। साथ ही बिसाती बाजार, अलीगोल, मेवातीपुरा, इतवारी गंज आदि जगहों की मस्जिदों में विशेष नमाज पढ़ी गई। लोगों ने नमाज के बाद कुरआन की तिलावत की। दरगाहों में भी लोगों की भीड़ रही। सबसे ज्यादा भीड़ जीवनशाह वाले बाबा की दरगाह पर रही। इसके साथ ही रात में घरों में लोगों ने इबादत कर अपने गुनाहों की माफी मांगी और तड़के ही सहरी कर रोजा रखा।
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