Asad Ahmed Encounter: बड़ागांव इलाके से एसटीएफ ने दो को उठाया, असद को छिपने में की थी मदद, गाड़ी भी दी
एसटीएफ ने बड़ागांव इलाके से असद अहमद के मददगारों को उठाया है। कहा जा रहा है कि इन लोगों ने असद की छिपने में सहायता की थी। वहीं, असद को इन लोगों ने गाड़ी भी उपलब्ध कराई थी।
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मुठभेड़ में मार गिराया गए पांच लाख के इनामी बदमाश असद और शूटर गुलाम के मददगार के तौर पर एसटीएफ ने बड़ागांव इलाके से दो लोगों को उठाया है। पूछताछ के लिए एसटीएफ पहले उनको बड़ागांव थाने ले आई। यहां से उनको फिर अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है।
पुलिस का कहना है असद यहां पिछले दो दिन से छिपा हुआ था। उसको यहां छिपने में इन लोगों ने मदद की थी। इन लोगों ने उसको छिपने की जगह दिलाने के साथी एक गाड़ी भी उपलब्ध कराई थी। एसटीएफ उनसे अतीक और उमेश पाल हत्याकांड में फरार अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करने में जुटी है। एसटीएफ को अंदेशा है कि इन लोगों ने ही दूसरे बदमाशों को भगाने में मदद की है।
27 दिन पहले उठाए थे दो फाइनेंसर
अतीक के बेटे असद को उसी बड़ागांव इलाके में मार गिराया गया जहां से 27 दिन पहले एसटीएफ ने अतीक अहमद गैंग को मदद पहुंचाने वाले दो फाइनेंसरों को उठाया था। उस समय एसटीएफ ने करीब दस घंटे लंबी पूछताछ के बाद उनको छोड़ दिया था लेकिन, बृहस्पतिवार को असद की इसी इलाके में मौजूदगी मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए। अब पुलिस दोबारा से झांसी में माफिया अतीक के कनेक्शन तलाशने में जुट गई है। एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार के इस बात का खुलासा करने के बाद कि अतीक को छुड़ाने की असद साजिश रच रहा था। इसकी रेकी करने के लिए ही वह झांसी पहुंचा था।
पुलिस का दावा है कि असद को यकीन था कि अतीक को वापस साबरमती जेल इसी रास्ते से ले जाया जाएगा। ऐसे में झांसी में ही उसने छुड़ाने का प्लान बनाया था। अब पुलिस के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि इतनी बड़ी साजिश के पीछे झांसी में कौन-कौन लोग उसकी मदद कर रहे थे। किनके भरोसे असद इतनी बड़ी साजिश रच रहा था। पुलिस अब उस नेटवर्क को तलाशने में जुटी है।
बता दें, 17 मार्च को एसटीएफ ने बड़ागांव के पारीछा स्थित एक आवासीय कॉलोनी में दबिश देकर दो ठेकेदारों को उठा लिया था जबकि एक ठेकेदार पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। एसटीएफ को आशंका थी कि यह ठेकेदार अतीक गैंग को फाइनेंस करते हैं। अतीक गैंग की मदद से इन लोगों ने प्रयागराज, कानपुर एवं झांसी में करोड़ों रुपये के ठेके हथियाए थे। करीब दस घंटे की पूछताछ के बाद उनको छोड़ दिया गया लेकिन, असद की बड़ागांव में पारीछा थर्मल पावर प्लांट से करीब आधा किलेामीटर दूर मिलने के बाद अब इनसे अतीक के तार फिर तलाशे जा रहे हैं। यह ठेकेदार भी थर्मल पावर प्लांट में ठेकेदारी करते हैं हालांकि पुलिस अफसर अभी कुछ खुलकर बोलने को राजी नहीं हैं।