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नंबरों के खेल में नप गए एआरटीओ

Wed, 16 Sep 2020 12:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:04 AM IST
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ARTO again action for numerical
एआरटीओ - फोटो : ??????
झांसी। परिवहन विभाग में चल रहे नंबरों के खेल में दो एआरटीओ नप गए हैं। सरकारी वाहनों के लिए जारी किए जाने वाले नंबरों को प्राइवेट वाहनों को जारी करने पर शासन ने संज्ञान लेते हुए एआरटीओ के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति है। इसे लेकर परिवहन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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जानकारी के मुताबिक शासन ने वर्ष 2004 में आदेश जारी किया था कि जी सीरिज के वाहनों के नंबर केवल सरकारी वाहनों के लिए ही जारी किए जाएंगे। पहले आवंटित की गई ए सीरिज के वाहनों का कोरम पूरा होने के बाद एजी सीरिज शुरू की गई। जिसमें अब तक महज 700 वाहन पंजीकृत हो सके हैं। उधर, अधिकारियों ने आदेश को दरकिनार करते हुए बीजी सीरिज के हजारों नंबर प्राइवेट वाहनों के लिए आवंटित कर दिए। बताया जाता है कि वाहनों के नंबर जारी करने में बड़ा खेल किया गया। मामले की शिकायत शासन तक पहुंची, तो शासन ने वर्तमान में मुख्यालय से संबद्ध तत्कालीन एआरटीओ विवेक कुमार शुक्ला और मौजूदा एआरटीओ सत्येंद्र कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने की संस्तुति की है। हालांकि विभागीय अधिकारी शासन का आदेश न मिलने का हवाला दे रहे हैं। मामले में हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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नंबरों को लेकर रहती थी मारामारी
परिवहन विभाग में पहले नंबरों को लेकर खासी मारामारी रहती थी। एक-एक नंबर के एवज में हजारों रुपये की वसूली की जाती थी। शासन ने परिवहन विभाग की तमाम प्रक्रियाओं को अब ऑनलाइन कर दिया है। इसके चलते ऑनलाइन नंबर जारी होते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीजी सीरिज जारी करने में आदेश का संज्ञान न होने से चूक हुई है। बताया जाता है कि एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने सात दिन पहले ही कार्यभार संभाला था, लेकिन आदेश का अनुपालन न करने पर कार्रवाई की है।
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सुर्खियों में रहे एआरटीओ
परिवहन विभाग के सूत्रों के मुताबिक तत्कालीन एआरटीओ अपने कार्यकाल के दौरान सुर्खियों में रहे थे। अम्बावाय में परिवहन विभाग की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए उन्होंने कब्जा करने वालों पर एफआईआर कराई थी। जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। इसके साथ ही ललितपुर में भी तैनाती के दौरान भी विवाद को लेकर चर्चा रही थी।

शासन की ओर से कार्रवाई को लेकर अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है। जैसा आदेश मिलेगा, उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
ओपी सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन)
सीबीआई जांच में दोषी मिलने पर प्रदेश के तीन एआरटीओ निलंबित
लखनऊ। शासकीय कार्य में लापरवाही और अनियमितता के आरोप में तीन सहायक संभागीय अधिकारियों (एआरटीओ) को निलंबित कर दिया गया है। बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले की सीबीआई जांच में इन तीनों की भूमिका पाई गई थी। दरअसल, जबलपुर के केनरा बैंक में हुए करोड़ों के घोटाले की सीबीआई जांच के दौरान पता चला कि बैंक मैनेजर ने फर्जी दस्तावेजों पर 50 से अधिक लोगों को ट्रक जैसे वाहनों पर लोन दे दिया। इनमें दस वाहनों का पंजीकरण यूपी में हुआ था। तीनों एआरटीओ ने वाहनों और दस्तावेजों की जांच किए बिना आपराधिक मंशा से पंजीकरण कर दिया। जांच में दोषी मिलने पर अरुण कुमार राय, एआरटीओ (प्रशासन) वाराणसी, धर्मवीर यादव एआरटीओ (प्रशासन) औरैया तथा अवधेश कुमार एआरटीओ को तत्काल निलंबित कर दिया गया। परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने बताया कि गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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