फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Artificial Intelligence AI robot will keep an eye on railway track will get alert before accident

Exclusive: अब एआई रोबोट रखेगा रेलवे ट्रैक पर नजर, हादसे से पहले मिलेगा अलर्ट; सिग्नल और ओएचई का डाटा मेमोरी...

Thu, 29 Feb 2024 03:19 PM IST
शाहरुख खान वसीम शेख, संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
वसीम शेख, संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 29 Feb 2024 03:19 PM IST
सार

अब रेलवे ट्रैक पर एआई रोबोट नजर रखेगा। झांसी रेल मंडल के तीन हजार किमी लंबे रेलवे ट्रैक पर नजर रखी जाएगी। सिग्नल और ओएचई का डाटा रोबोट की मेमोरी में दर्ज किया जा रहा है। ऑटोमेटिक सिग्नल और सेंसर भी एआई तकनीक पर काम करेंगे। रेलवे ट्रैक पर कोई तकनीकी खामी आने पर पहले सूचना मिलेगी।

विज्ञापन
Artificial Intelligence AI robot will keep an eye on railway track will get alert before accident
indian railways - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झांसी मंडल में फैले तीन हजार किमी लंबे रेलवे ट्रैक पर अब एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) रोबोट नजर रखेगा। पूरे मंडल में कहीं भी रेलवे ट्रैक, इंजन, सिग्नल और ओएचई में आने वाली तकनीकी खामी के बारे में रोबोट अफसरों को पहले से अलर्ट दे देगा। इसके लिए मंडल में रोबोट को प्रशिक्षण देने का काम चल रहा है।
विज्ञापन


रोबोट की मेमोरी में रेलवे अफसर पूरे ट्रैक और हर छोटे से छोटे बिंदु का डाटा फीड कर रहे हैं। सुरक्षित रेल संचालन के लिए रेलवे ट्रैक, इंजन, सिग्नल, ब्रिज, ओएचई, ट्रेन के पहिये समेत तमाम मशीनों और संचार माध्यम का दुरुस्त होना जरूरी है। हालांकि रेलवे ट्रेनों के संचालन में पूरी सजगता बरतता है, लेकिन कई बार तकनीकी खामी के चलते ट्रेनें दुर्घटना का शिकार हो जाती हैं। 
विज्ञापन


इससे रेलवे को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है। अब झांसी मंडल ने हादसों पर लगाम लगाने और तकनीकी विकास के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) तकनीक को अपनाया है। यहां रोबोट तैयार किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


रोबोट में मंडल से गुजरने वाली हर ट्रेन, तीन हजार किमी लंबी पटरी, इंजन, सिग्नल, एचई, 350 छोटे-बड़े ब्रिज व ट्रेन के आठ हजार से अधिक पहियों की एक-एक जानकारी फीड की जा रही है। साथ ही मंडल में लगाए जाने वाले सेंसर और ऑटोमेटिक सिग्नल का भी डाटा अपलोड किया जा रहा है। अगर कहीं भी कोई खामी आती है तो रोबोट तत्काल रेलवे अधिकारियों को अलर्ट दे देगा।

ट्रैक की उम्र पूरी होने से पहले बता देगा
अभी रेलवे ट्रैक की उम्र और उसमें आई खामी के लिए रेलवे अल्ट्रासोनिक प्रणाली का सहारा लेता है। अब पूरे ट्रैक में कहीं पर भी कोई कमी आती है तो एआई रोबोट के साथ लगे सेंसर से विभाग को जानकारी मिल जाएगी। साथ ही तकनीक यह भी बता देगी कि पटरी को अब बदलने का समय आ गया है।

रेल फ्रेक्चर की पहले मिल जाएगी जानकारी
सर्दियों में अक्सर रेल फ्रेक्चर के मामले सामने आते हैं। अभी यह तब पता चल पाता है जब ट्रैक मेंटेनर पटरी के पास जाकर उसे हथोड़े से ठोंककर देखते हैं। एआई रोबोट से ऐसा करने की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। फ्रेक्चर होने पर एआई रोबोट पहले ही सूचना दे देगा।

मंडल में एआई तकनीक का इस्तेमाल शुरू करने जा रहे हैं। इससे रेल संरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा। अभी मशीन लर्निंग और डाटा फीडिंग का काम किया जा रहा है। इसके बाद एआई तकनीक से पूरे रेलवे ट्रैक पर नजर रखी जाएगी। -मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी रेल मंडल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed