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सैनिक पार्क को एक साल से ‘उजाले’ का इंतजार
jhansi
Updated Mon, 22 Oct 2018 12:22 AM IST
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army park
- फोटो : amarujala
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कचहरी चौराहा से बस स्टैंड जाने वाले मार्ग पर बना सैनिक पार्क दुर्दशा का शिकार है। एक साल से पार्क में बिजली लगवाने की कवायद चल रही है, लेकिन अब तक रोशनी नहीं हो सकी है। पार्क में घूमने आने वाले लोगों को असुविधा हो रही है। अंधेरा होते ही पार्क खाली हो जाता है। पार्क रोशन करने के लिए पार्षद और पूर्व पार्षद भी प्रयास कर रहे हैं।
खुशीपुरा मोहल्ला में कोई पार्क नहीं होने के कारण लोगों को सुबह घूमने में परेशानी होती है। कचहरी चौराहा के आगे सेना की जमीन खाली पड़ी थी। नगर निगम और जेडीए के सहयोग से सेना की इस जमीन पर पार्क का निर्माण कराया गया। शुरू में पार्क मैंटेन था, लेकिन धीरे-धीरे इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया, जिससे पार्क बदहाल हो गया। अब स्थिति यह है कि यहां पर न तो लाइटें जलती हैं और न ही फुलवारी नजर आती है। घास सूखी पड़ी है, बच्चों के झूले टूटने लगे हैं। शाम के सात बजते-बजते पार्क सुनसान हो जाता है।
पूर्व पार्षद सुरेश चंद्र गोपी एक साल से पार्क में लाइटें लगवाने के लिए नगर आयुक्त से लेकर जेडीए सचिव को पत्राचार कर रहे हैं। व्यक्तिगत मुलाकात कर भी पार्क के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने जन सूचना अधिकार के अंतर्गत नगर निगम से जानकारी मांगी। तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया, लेकिन इसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। कमोवेश यही स्थिति पार्षद पुष्पेंद्र कुमार की है। वह भी पार्क में लाइटिंग के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन साल भर होने को आया और उन्हें भी अफसर केवल आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं।
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यह है दिक्कत
लाइटिंग के लिए बिजली विभाग ने एस्टीमेट तैयार किया हैं। उसमें 25 केवीए का ट्रांसफार्मर रखने के लिए फाउंडेशन बनाया जाना है, पूरे पार्क में अंडरग्राउंड वायरिंग डाली जानी है। ट्रांसफार्मर के ऊपर शेड व चारों ओर ग्रिल लगनी है, ताकि कोई हादसा न हो। इसके लिए पैसे की जरूरत है, जब तक पैसा जारी नहीं होगा, तब तक काम नहीं होगा।
जेडीए ने शिकायत बंद कर दी
सैनिक पार्क मेें झूलों और फव्वारों की देखरेख का काम जेडीए का है। उन्होंने इसके लिए तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन जेडीए ने इसे बंद कर दिया है। अब नए सिरे से फिर से प्रार्थनापत्र देंगे। जब तक पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो जाएंगी, तब तक इसके लिए संघर्ष करते रहेंगे। - सुरेश चंद्र गोपी, पूर्व पार्षद
सेना से एनओसी का इंतजार
सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र का इंतजार किया जा रहा है। बिजली के काम के लिए अवर अभियंता ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। उम्मीद है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम ने बिजली के लिए 90 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। - पुष्पेंद्र कुमार, पार्षद
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खुशीपुरा मोहल्ला में कोई पार्क नहीं होने के कारण लोगों को सुबह घूमने में परेशानी होती है। कचहरी चौराहा के आगे सेना की जमीन खाली पड़ी थी। नगर निगम और जेडीए के सहयोग से सेना की इस जमीन पर पार्क का निर्माण कराया गया। शुरू में पार्क मैंटेन था, लेकिन धीरे-धीरे इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया गया, जिससे पार्क बदहाल हो गया। अब स्थिति यह है कि यहां पर न तो लाइटें जलती हैं और न ही फुलवारी नजर आती है। घास सूखी पड़ी है, बच्चों के झूले टूटने लगे हैं। शाम के सात बजते-बजते पार्क सुनसान हो जाता है।
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पूर्व पार्षद सुरेश चंद्र गोपी एक साल से पार्क में लाइटें लगवाने के लिए नगर आयुक्त से लेकर जेडीए सचिव को पत्राचार कर रहे हैं। व्यक्तिगत मुलाकात कर भी पार्क के विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। समस्या का कोई समाधान नहीं निकलने पर उन्होंने जन सूचना अधिकार के अंतर्गत नगर निगम से जानकारी मांगी। तहसील दिवस में शिकायती पत्र दिया, लेकिन इसके बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। कमोवेश यही स्थिति पार्षद पुष्पेंद्र कुमार की है। वह भी पार्क में लाइटिंग के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन साल भर होने को आया और उन्हें भी अफसर केवल आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं।
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यह है दिक्कत
लाइटिंग के लिए बिजली विभाग ने एस्टीमेट तैयार किया हैं। उसमें 25 केवीए का ट्रांसफार्मर रखने के लिए फाउंडेशन बनाया जाना है, पूरे पार्क में अंडरग्राउंड वायरिंग डाली जानी है। ट्रांसफार्मर के ऊपर शेड व चारों ओर ग्रिल लगनी है, ताकि कोई हादसा न हो। इसके लिए पैसे की जरूरत है, जब तक पैसा जारी नहीं होगा, तब तक काम नहीं होगा।
जेडीए ने शिकायत बंद कर दी
सैनिक पार्क मेें झूलों और फव्वारों की देखरेख का काम जेडीए का है। उन्होंने इसके लिए तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन जेडीए ने इसे बंद कर दिया है। अब नए सिरे से फिर से प्रार्थनापत्र देंगे। जब तक पार्क की व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो जाएंगी, तब तक इसके लिए संघर्ष करते रहेंगे। - सुरेश चंद्र गोपी, पूर्व पार्षद
सेना से एनओसी का इंतजार
सेना से अनापत्ति प्रमाणपत्र का इंतजार किया जा रहा है। बिजली के काम के लिए अवर अभियंता ने मौके का निरीक्षण कर लिया है। उम्मीद है कि जल्द काम शुरू हो जाएगा। नगर निगम ने बिजली के लिए 90 हजार रुपये जारी कर दिए हैं। - पुष्पेंद्र कुमार, पार्षद