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अरबन हाट अब होगा ‘बुंदेलखंड शिल्प ग्राम’
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अरबन हाट
झांसी। किले की तलहटी में स्थित अरबन हाट बाजार के दिन जल्द ही बहुरने वाले हैं। झांसी विकास प्राधिकरण ने इसको विकसित करने की योजना बनाई है। योजना के तहत अरबन हाट का नाम बुंदेलखंड शिल्प ग्राम रखा गया है। शिल्प ग्राम में बुंदेलखंड के हस्तशिल्पियों को प्राथमिकता दी जाएगी। एक माह के भीतर ही शिल्प ग्राम को विकसित किया जाएगा।
हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2006 में जेडीए द्वारा किले की तलहटी में 5 एकड़ जमीन पर अरबन हाट बाजार को विकसित करने की योजना तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से दो करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। वर्ष 2010 में निर्माण कार्य को शुरू हुआ। लेकिन बजट की कमी होने के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया था। एक बार फिर शासन ने बजट को बढ़ाते हुए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। मार्च 2020 में निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था। कार्य के तहत हस्तशिल्पियों के लिए 55 दुकानों का निर्माण कराया है। वहीं, प्रशासनिक भवन, ओपन थिएटर, डोरमेट्री का निर्माण कराया है। अब इसको विकसित करने की योजना बनाई है। जिसके तहत बुंदेलखंड के शिल्पकारों, हथकरधा
व्यवसायियों के अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र में बनाए जाने वाले घड़े व गुड़ियों से बाजार को सजाया जाएगा। वहीं, हस्तशिल्प ग्राम में राष्ट्रीय स्तर के व्यंजनों की भी भरमार होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा देश भर के हस्तशिल्प कारीगरों व व्यंजनों की दुकानों को सजाने वाले व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि हस्तशिल्पग्राम में बुंदेलखंड के हस्तशिल्प कारीगरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा देश भर के तरह-तरह के व्यंजनों की भी दुकानों से सजाया जाएगा।
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हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2006 में जेडीए द्वारा किले की तलहटी में 5 एकड़ जमीन पर अरबन हाट बाजार को विकसित करने की योजना तैयार कर प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से दो करोड़ रुपये का बजट पास किया गया था। वर्ष 2010 में निर्माण कार्य को शुरू हुआ। लेकिन बजट की कमी होने के कारण निर्माण कार्य बंद कर दिया था। एक बार फिर शासन ने बजट को बढ़ाते हुए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया था। मार्च 2020 में निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया था। कार्य के तहत हस्तशिल्पियों के लिए 55 दुकानों का निर्माण कराया है। वहीं, प्रशासनिक भवन, ओपन थिएटर, डोरमेट्री का निर्माण कराया है। अब इसको विकसित करने की योजना बनाई है। जिसके तहत बुंदेलखंड के शिल्पकारों, हथकरधा
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व्यवसायियों के अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र में बनाए जाने वाले घड़े व गुड़ियों से बाजार को सजाया जाएगा। वहीं, हस्तशिल्प ग्राम में राष्ट्रीय स्तर के व्यंजनों की भी भरमार होगी। प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा देश भर के हस्तशिल्प कारीगरों व व्यंजनों की दुकानों को सजाने वाले व्यापारियों के साथ बैठक की जाएगी। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि हस्तशिल्पग्राम में बुंदेलखंड के हस्तशिल्प कारीगरों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा देश भर के तरह-तरह के व्यंजनों की भी दुकानों से सजाया जाएगा।
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