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जो भी आएगा, देखता रह जाएगा आंतियाताल

Mon, 03 Dec 2018 01:19 AM IST
jhansi
jhansi Updated Mon, 03 Dec 2018 01:19 AM IST
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antiyatal make to smart
तालाब - फोटो : demo
आंतियाताल का विकास स्मार्ट सिटी के अंतर्गत कराया जाएगा। तालाब के बीचोंबीच बने टापू पर कैफेटेरिया बनेगा व लाइटिंग होगी। आसपास अतिक्रमण हटाया जाएगा। पीपीपी मॉडल पर तालाब की देखरेख में बदलाव होगा।
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सत्रहवीं शताब्दी में महाराजा वीर सिंह जूदेव ने 12 गढ़ी और 52 तालाबों का निर्माण कराया था। इन्हीं में से एक आंतियाताल भी है। तालाब की दशा सुधारने और पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने के लिए वर्ष 2005 में पर्यटन विभाग के माध्यम से 147.93 लाख रुपये से तालाब के चारों ओर बाउंड्रीवाल, तालाब में गिरने वाली नालियों के पानी की निकासी के लिए तालाब को घेरते हुए रिंग नाला, किनारों पर फुटपाथ, एक से दूसरे किनारे तक जाने के लिए पाथ वे बनाया गया। काम होने के बाद इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के अंतर्गत निजी कंपनी को दे दिया गया, शर्त थी कि बिजली का रखरखाव व बिल कंपनी जमा करेगी।
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लेकिन, तालाब पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने में नाकाम रहा। तालाब का पानी खराब हो रहा है। दोनों मोटर खराब हैं, जिससे नया पानी नहीं भर रहा है। काले पानी में मछलियां मर रही हैं। टापू पर जलकुंभी हो गई है। नगर आयुक्त प्रताप सिंह भदौरिया ने बताया कि तालाब की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर अवैध कब्जे हैं। इस कारण घूमने वाले यहां आने-जाने से बच रहे हैं।
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बंद हो पैसा लेना
बुंदेलखंड में दूल्हा मौर पहनता है। मौर छठ के दिन इसको पानी में विसर्जित करने की परंपरा है। आंतियाताल पर मौर विसर्जन करने जाने वाली महिलाओं से पैसा लिया जाता है। बिना पैसे के मौर विसर्जन नहीं हो पाता है। इसे बंद किया जाए।
- किशोरी प्रसाद रायकवार, पार्षद

हटाया जाएगा संस्था को
जिस संस्था को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) पर आंतियाताल को दिया गया है, उससे रखरखाव नहीं हो पा रहा है। नालों के लीकेज से पानी खराब हो रहा है। दोनों बोरिंग काम नहीं कर रही हैं। इसलिए संस्था को हटाया जाएगा।

- विधायक रवि शर्मा

पर्यटक आएंगे घूमने
आंतियाताल को स्मार्ट सिटी के अंतर्गत शामिल कर लिया गया है। जल्द ही तालाब का एस्टीमेट बनाया जाएगा। विकास इस तरह से किया जाएगा कि तालाब और आसपास पर्यटक घूमने आएं।
- एके शर्मा, नोडल अधिकारी स्मार्ट सिटी
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